ईश्वर चंद पाठक और निरंजन सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
चेंबर निर्माण बंद होने पर जिलाध्यक्ष ईश्वर चंद पाठक व महामंत्री निरंजन सिंह ने उठाई आवाज
मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी, प्रशासन ने दिया 20 दिन बाद चेंबर निर्माण शुरू कराने का आश्वासन
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। खलीलाबाद तहसील परिसर में चेंबर निर्माण कार्य बंद होने तथा महिला अधिवक्ताओं एवं महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। सिविल बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ईश्वर चंद पाठक एवं महामंत्री निरंजन सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में प्रस्तावित चेंबरों का निर्माण कार्य पिछले करीब 20 दिनों से बंद पड़ा है, जिसके चलते अधिवक्ताओं को अपने न्यायिक एवं विधिक कार्यों के संचालन में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से चेंबर निर्माण कार्य शीघ्र दोबारा शुरू कराने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में महिला अधिवक्ताओं एवं महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालय की सुविधा नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वादकारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
जिलाध्यक्ष ईश्वर चंद पाठक एवं महामंत्री निरंजन सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए चेंबर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने तथा महिलाओं के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि चेंबर निर्माण कार्य रुकने से अधिवक्ताओं के सामने कार्यस्थल से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, इसलिए इस मामले में शीघ्र पहल की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि करीब 20 दिनों के बाद चेंबर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया जाएगा। इसके साथ ही महिला अधिवक्ताओं एवं महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी आश्वासन दिया गया।
समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
प्रशासन के आश्वासन के बाद भी अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होंगे। अधिवक्ताओं ने आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी कार्यालय के गेट सहित अन्य कार्यालयों पर तालाबंदी जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी भी दी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि चेंबर निर्माण और महिला शौचालय जैसी सुविधाएं अधिवक्ताओं एवं वादकारियों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी हैं। इसलिए इनका समयबद्ध समाधान होना आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
फिलहाल जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं को उम्मीद है कि चेंबर निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में दोबारा शुरू होगा और महिला अधिवक्ताओं एवं महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।