सेवानिवृत्त पेंशनरों की बैठक में उठीं समस्याएं, आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग

सेवानिवृत्त पेंशनरों की बैठक में उठीं समस्याएं, आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग

 

अनुराग लक्ष्य न्यूज

 

बस्ती । सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा बस्ती की मासिक बैठक सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के संरक्षक सुरेशधर दूबे ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ ही उन्हें आठवें वेतन आयोग में शामिल किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि देशभर के केंद्रीय एवं राज्य सरकार के पेंशनरों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें आठवें वेतन आयोग में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने के लिए संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी जनपदों से हस्ताक्षर याचिका प्रधानमंत्री को भेजी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करना, 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में पेंशन में पांच प्रतिशत की वृद्धि, पेंशन को आयकर से मुक्त करना, कोरोना काल के 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान, रेल किराये में पूर्व की तरह 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करना तथा 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करना शामिल है।

जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने कहा कि जनपद स्तर पर पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति समय से होनी चाहिए। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में भी काफी विलंब होता है, जिसे शीघ्र दूर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देयकों के भुगतान और पेंशन स्वीकृति के लिए बस्ती से लखनऊ मुख्यालय तक चक्कर लगाना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है।

चन्द्रप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि एसोसिएशन पेंशनरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की आश्रित पेंशनर लतीफुन का मामला उठाते हुए कहा कि उन्हें छह माह से पेंशन के लिए दौड़ाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की।

संरक्षक सुरेशधर दूबे ने संगठन की सदस्य संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक को इंजी. रामचन्द्र शुक्ल, राधेश्याम तिवारी, नरेन्द्रदेव मिश्र, सर्वेन्द्र सिंह, अशोक कुमार मिश्र, देवी प्रसाद शुक्ल और श्यामधर सोनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, श्रीगोपाल त्रिपाठी, छोटेलाल यादव, भगवान सिंह, राजाराम मिश्र, अंगीरा प्रसाद, दयाशंकर त्रिपाठी, रामनरायन चौधरी, हरि प्रसाद मनौजिया, देवेन्द्र प्रताप सिंह, हनुमान प्रसाद तिवारी, मोतीलाल, मनोज कुमार श्रीवास्तव, रामनिहोर यादव, कैलाशनाथ अग्रवाल, सिद्धनाथ पाण्डेय, रामबिलास सिंह, मेहीलाल, रंजीत प्रसाद, दिनेश चन्द्र पाण्डेय, जयनाथ सिंह, रामकुमार पाल, जगप्रसाद तिवारी, डा. नरेन्द्र उपाध्याय, सुरेश चन्द्र तिवारी, भारत भूषण श्रीवास्तव, धर्मप्रकाश उपाध्याय, हरेन्द्र पाण्डेय, रामपुजारी शर्मा, नंदकुमार मिश्र, रमाकान्त चौधरी, गिरीश चन्द्र चौधरी, अशर्फी लाल, राजदेव यादव, कनिकराम वर्मा, प्रदीप कुमार शुक्ल, प्रेमचन्द्र, मिश्रीलाल, जंगबहादुर, शिवचन्द्र मिश्र, गिरीश चन्द्र, जोखू यादव, दिनेश चन्द्र श्रीवास्तव, भगवानदास, भानुप्रसाद सिंह, किशोरी लाल, केशवप्रसाद दुबे, वीरेन्द्र कुमार मिश्र, रामसूरत यादव, गणेशदत्त शुक्ल, रामशब्द पाण्डेय, देवनरायन मिश्र आदि मौजूद रहे।