महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 23 अगस्त: रामनगरी अयोध्या में प्राचीन वास्तु विज्ञान और आधुनिक जीवनशैली के समन्वय पर आधारित तीन दिवसीय पिनेकल वास्तु स्टूडेंट्स समिट (ASPIRE-2026) का रविवार को भव्य समापन हो गया। 21 से 23 अगस्त तक आयोजित इस राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों विद्यार्थियों और वास्तु प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
आधुनिक युग में वास्तु की उपयोगिता समिट के दौरान विशेषज्ञों ने भवन निर्माण में दिशाओं के सटीक महत्व, वास्तु के मूल सिद्धांतों और घर तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिव एनर्जी) बनाए रखने के तौर-तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेष सत्र और समाधान: प्रख्यात वास्तु विशेषज्ञ आचार्य विकुल बंसल ने विशेष सत्र में वास्तु दोषों से बचाव के सरल और व्यावहारिक उपाय साझा किए। उन्होंने भवन निर्माण में वास्तु असंतुलन से उत्पन्न होने वाली समस्याओं और उनके वैज्ञानिक समाधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
वैश्विक सहभागिता: इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी वास्तु के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने शिरकत की, जिससे एक वैश्विक मंच पर ज्ञान और अनुभव का बेहतरीन आदान-प्रदान हुआ।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि ASPIRE-2026 का मुख्य उद्देश्य प्राचीन वास्तु विज्ञान की वैज्ञानिक और उपयोगी जानकारी को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था। साथ ही, यह मंच विद्यार्थियों, उदीयमान वास्तुविदों और वरिष्ठ विशेषज्ञों को एक ही छत के नीचे लाकर विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त माध्यम बना।
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने इस तीन दिवसीय आयोजन को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य के लिए उपयोगी अनुभव बताया।