महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में सावन झूलन उत्सव का उल्लास पूरी भव्यता के साथ छा गया है। मठ-मंदिरों में ठाकुर जी को आकर्षक और सुंदर हिंडोलों पर विराजमान कर झूलन उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से अलंकृत किया गया है, जबकि पूरे क्षेत्र में भजन-कीर्तन के साथ कजरी और सावन के पारंपरिक गीतों की मधुर गूंज सुनाई दे रही है। कंचन भवन का विशेष आकर्षण सिद्धपीठ कंचन भवन में झूलन उत्सव का विशेष और अलौकिक आकर्षण देखने को मिल रहा है। यहां स्वर्ण और रजत (सोने-चांदी) से निर्मित भव्य हिंडोले पर भगवान श्रीसीताराम विराजमान हैं। मंदिर परिसर की पुष्प सज्जा देखते ही बनती है। भगवान के इन दुर्लभ झूलन दर्शनों के लिए देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। पूर्णिमा तक चलेगा उत्सव कंचन भवन के पीठाधीश्वर महंत विजय दास जी महाराज ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी झूलन उत्सव को अत्यंत विशेष रूप से आयोजित किया गया है। भगवान श्रीसीताराम हिंडोले पर झूलते हुए भक्तों को आशीर्वाद और दर्शन दे रहे हैं। यह पावन उत्सव सावन पूर्णिमा तक निरंतर चलेगा। भक्तिमय हुआ संध्या का वातावरण
उत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिदिन संध्या के समय विशेष भजन-कीर्तन, पारंपरिक कजरी और सावन के गीतों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भक्ति भाव में सराबोर श्रद्धालु झूमते हुए ठाकुर जी के दर्शन कर रहे हैं। शाम ढलते ही पूरा मंदिर परिसर रोशनी, फूलों और आध्यात्मिकता के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।