सीडीए एकेडमी बनकटी में द्वितीय आवधिक परीक्षा के बाद शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन, नन्हे कलाकारों ने लगाई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी

सीडीए एकेडमी बनकटी में द्वितीय आवधिक परीक्षा के बाद शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन, नन्हे कलाकारों ने लगाई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी

 

अनुराग लक्ष्य न्यूज

 

बनकटी / बस्ती। सीडीए एकेडमी बनकटी में द्वितीय आवधिक परीक्षा के बाद शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय की निदेशक डॉ. अरुणा सिंह पाल के निर्देशन में किया गया। सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति, परीक्षा परिणाम और उनके सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच संवाद हुआ।

सम्मेलन के दौरान अभिभावकों को विद्यार्थियों की द्वितीय आवधिक परीक्षा के रिपोर्ट कार्ड दिखाए गए। बच्चों के प्रदर्शन को देखकर अभिभावकों ने संतोष व्यक्त किया तथा विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए प्रबंधन के समक्ष अपने सुझाव भी रखे।

कार्यक्रम की खास बात कक्षा 3 से 6 तक के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक हस्तनिर्मित शिल्प एवं वस्तुओं की प्रदर्शनी रही। नन्हे कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए और उनकी प्रदर्शनी लगाई। विद्यार्थियों ने अपने बनाए उत्पादों को अभिभावकों एवं अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया तथा उन्हें बिक्री के लिए भी रखा।

बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक खरीदा। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ आत्मविश्वास, संवाद कौशल, मेहनत और अपने कार्य को प्रस्तुत करने की भावना को बढ़ावा मिला। अभिभावकों और अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उत्पाद खरीदकर उनका मनोबल बढ़ाया।

विद्यालय की निदेशक डॉ. अरुणा सिंह पाल ने कहा कि बेहतर शिक्षा विद्यालय की प्राथमिकता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की रचनात्मक क्षमता, आत्मविश्वास, व्यवहारिक ज्ञान और व्यक्तित्व का विकास करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे समाज के सामने प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने सम्मेलन में शामिल सभी अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को प्रोत्साहन मिलने से उनके भीतर आगे बढ़ने का उत्साह पैदा होता है। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई।