अंडमान-निकोबार द्वीप सिलवासा में ‘जीवनधारा नमामि गंगे’ की पर्यावरण संरक्षण पर सार्थक पहल 

अंडमान-निकोबार द्वीप सिलवासा में ‘जीवनधारा नमामि गंगे’ की पर्यावरण संरक्षण पर सार्थक पहल

 

सिलवासा:: ‘जीवनधारा नमामि गंगे’ के तत्वावधान में, जल शक्ति , नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय, भारत सरकार से संबद्ध पर्यावरण एवं जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत अंडमान-निकोबार द्वीप दादरा एवं नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में 20 अगस्त 2026 को डॉ. मीना सुरेश जैन ‘सुमिता’ के निवास ‘तरंग बंगला’ में एक भव्य बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा दादरा एवं नगर हवेली से जुड़े सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों सहित जल, वायु, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वायु संरक्षण, स्वच्छता तथा जन-जागरूकता को प्रभावी बनाने और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में डॉ. हरिओम शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महानिदेशक), रंग कांबले (अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय संस्थागत समन्वय समिति), बबीता गिरि (OSD जीवनधारा नमामि गंगे ), डॉ. राम रतन श्रीवास ‘राधे राधे’ ( राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं नेपाल तथा दादरा एवं नगर हवेली के को-ऑर्डिनेटर), डॉ. मीना सुरेश जैन ‘सुमिता’ (प्रदेश अध्यक्ष एवं अतिरिक्त प्रभार प्रदेश महासचिव) सहित समाज सेवी, पर्यावरण प्रेमी, साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक उपरांत सिलवासा के प्रशासनिक अधिकारी अमित कुमार (एस. डी. एम.), सागर ठक्कर (मामलतदार एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट) से औपचारिक मुलाकात की गई। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं वायु संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक विचार विमर्श हुई। साथ ही सभी पदाधिकारियों को डॉक्टर मीना जैन सुरेश सुमिता के कर कमलों से अभिनंदन सह सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया। इसके पश्चात् कल्पेश सोलंकी को जिला अध्यक्ष, सम्यक जैन को प्रदेश उपाध्यक्ष, आभा अग्रवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया।

द्वितीय सत्र में पर्यावरण, प्रकृति एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें डॉ. राजेश पाण्डेय, आभा अग्रवाल , ममता जैन , सरयू ठाकुर , रेनु जैन, आनंद ढाले साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण, वायु संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। बैठक के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने जल, वायु एवं पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान का स्वरूप देने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम ने सामाजिक सहभागिता, साहित्यिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को एक मंच पर लाते हुए प्रकृति संरक्षण के प्रति नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश प्रदान किया।