मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत अनफिट स्कूली वाहनों पर कड़ी कार्रवाई, 71 वाहनों का पंजीयन निलंबित

मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत अनफिट स्कूली वाहनों पर कड़ी कार्रवाई, 71 वाहनों का पंजीयन निलंबित

 

अनुराग लक्ष्य न्यूज

 

बस्ती। सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बस्ती मंडल में 11 अगस्त से 25 अगस्त तक “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। 15 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान अनफिट स्कूली वाहनों पर विशेष निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने बताया कि “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान मंडल में पूरी गंभीरता और शक्ति के साथ संचालित किया जा रहा है। बिना फिटनेस संचालित हो रहे स्कूल वाहनों को विशेष रूप से चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी का सामूहिक संकल्प है। विद्यालय प्रबंधन, चालक-परिचालक और अभिभावकों के सहयोग एवं सजगता से ही बच्चों को सुरक्षित यात्रा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों के वाहन अनफिट पाए गए हैं, उन्हें लाल सूची में शामिल किया गया है। ऐसे स्कूली वाहनों को बार-बार नोटिस देने और संपर्क स्थापित करने के बावजूद फिटनेस एवं परमिट संबंधी आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई। ऐसे 71 वाहनों का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। यदि किसी वाहन का निलंबन छह माह तक बना रहता है तो उसके पंजीयन के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

आरटीओ प्रशासन ने बताया कि नागरिकों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा पहले से 54 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अब 35 से अधिक नागरिक सेवाओं को ऑटो अप्रूव मोड में उपलब्ध कराया गया है। इससे आवेदकों को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और वे स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने कार्य करा सकेंगे।

एआरटीओ (प्रशासन) माला बाजपेई ने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन और ऑटो अप्रूव मोड में उपलब्ध करा रहा है। अभ्यर्थी स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने बताया कि परिवहन कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों का दखल पूरी तरह वर्जित है। लाइसेंसधारी अथवा वाहन संबंधी कार्य कराने वाले अभ्यर्थी सीधे कार्यालय के संबंधित पटल पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस टेस्टिंग की प्रक्रिया डीटीआई परिसर में निर्धारित टेस्ट के माध्यम से कराई जाती है। टेस्ट में सफल होने के बाद लाइसेंस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। टेस्टिंग का कार्य निर्धारित निजी फर्म के कर्मचारियों द्वारा कराया जाता है।

उन्होंने बताया कि कार्यालय के सभी पटल लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य कराने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन एवं समस्याओं का सुचारू रूप से निस्तारण करें। किसी भी स्तर पर शिकायत मिलने पर संबंधित लिपिक के विरुद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी बाहरी व्यक्ति के माध्यम से कार्य कराने के बजाय सीधे संबंधित कार्यालय पटल पर संपर्क करें।

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से जहां अनफिट स्कूली वाहनों पर शिकंजा कस रहा है, वहीं ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से आम नागरिकों को भी परिवहन संबंधी कार्यों में सुविधा और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है।