उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल बना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, 1.19 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तेजी से बदलाव का माध्यम बन रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित इस अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ 19 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, वित्तीय सहायता और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प तथा आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।वर्ष 2013 से उत्तर प्रदेश में संचालित इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की कम से कम एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, बैंक ऋण और उद्यमिता से जोड़ने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने और आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम बनाया जा रहा है।प्रदेश के सभी 75 जनपदों और 826 विकास खंडों में संचालित इस अभियान के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह, 66 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 3,298 संकुल स्तरीय संघ गठित किए जा चुके हैं। इन संगठनों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।मिशन के तहत विभिन्न बैंकों के सहयोग से महिलाओं को कम ब्याज दर पर आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें और आय बढ़ा सकें। इसके अलावा कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु उद्योग, डिजिटल सेवाओं और अन्य स्वरोजगार आधारित गतिविधियों से जोड़कर महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।ग्राम्य विकास विभाग का कहना है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सामाजिक पहचान, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान भी दिला रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अब परिवार और समाज में निर्णय लेने की भूमिका निभा रही हैं तथा स्थानीय स्तर पर विकास की भागीदार बन रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन का लगातार विस्तार कर रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आज प्रदेश के गांव-गांव में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की नई इबारत लिख रहा है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सशक्तीकरण की नई पहचान बनकर उभर रही हैं।