बस्ती: जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और चाक-चौबंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब जेल परिसर और उसके बाहरी हिस्से को सौर ऊर्जा (सोलर लाइट) टावर के जरिये रोशन किया जाएगा। इसके लिए कुल नौ स्थानों का चयन कर उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। जेल की चहारदीवारी के भीतर और बाहरी द्वारों पर बेहतर रोशनी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। परिसर के भीतर अलग-अलग संवेदनशील पाइंट्स और बैरकों के पास कुल सात सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। मुख्य द्वार और बाहरी सुरक्षा घेरे को कवर करने के लिए दो सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी।
अंधेरे का फायदा उठाकर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम बेहद कारगर साबित होगा। वर्तमान में बिजली कटौती या तकनीकी खराबी के समय कुछ हिस्सों में अंधेरा छा जाता था, जिससे प्रहरियों को गश्त के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब सोलर लाइटें लगने से रात भर दूधिया रोशनी बनी रहेगी, जिससे सुरक्षाकर्मी दूर से ही हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे।
अक्षय ऊर्जा का उपयोग करने से कारागार के बिजली बिल में भी कटौती होगी। अधिकारियों का कहना है कि सोलर लाइटें आटोमैटिक सेंसर आधारित होंगी, जो सूर्यास्त के समय खुद जल जाएंगी और सूर्योदय पर बंद हो जाएंगी। इससे ऊर्जा की बर्बादी भी नहीं होगी।
जेल की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सोलर लाइटें लगने से रात के समय सुरक्षा घेरा और भी पारदर्शी हो जाएगा। स्थानों का चिन्हांकन कर लिया गया है और जल्द ही स्थापना कार्य शुरू होगा। कारागार मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई है।