खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना से जनपद का होगा विकास: डीएम
बहराइच । जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना (राज्य सेक्टर) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन करते हुए जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि योजना के अन्तर्गत फल, शाकभाजी, पुष्प, मसाला क्षेत्र विस्तार का कार्यक्रम कराया जाना है। डीएम ने उद्यान विभाग को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से जोड़ करके आकांक्षी जनपद में अधिक से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना करायी जाय।
डीएम ने निर्देश दिया कि योजना को कार्यान्वित करते हुए जिले के दूर-दराज क्षेत्रों के छोटे व मंझोले कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर आच्छादित कराया जाय तथा यह भी सुनिश्चित करें कि जिले के समस्त विकास खण्डों में समानुपातिक आधार पर योजना का क्रियान्वयन हो। डीएम ने कहा कि जनपद में औद्यानिक खेती में अच्छा कार्य हुआ है और जनपद के कृषक विष रहित औद्यानिक खेती को तेज़ी के साथ अपना रहे है। ऐसे में यह योजना कृषकों के बहुत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना से जिले के किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य प्राप्त होगा जिससे उनके आर्थिक स्तर में सुधार आयेगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा, जिला प्रबन्धक अग्रणी बैंक जीतेन्द्र मसन्द, सचिव मण्डी समिति धनंजय कुमार सिंह, अध्यक्ष/वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ शैलेन्द्र सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद बहराइच प्रमिता सिंह, डी.डी.एम. नाबार्ड कैलाश जोशी, प्रगतिशील कृषक ओम प्रकाश मिश्र व देशराज पाण्डेय तथा योजना प्रभारी पंकज वर्मा मौजूद रहे।
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