महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब में आगामी 25 नवंबर को सिखों के नौवें गुरु, हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर महाराज का शहादत दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर एक भव्य धार्मिक समागम का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम गुरुद्वारा के महंत बलजीत सिंह और ज्ञानी गुरजीत सिंह खालसा के सानिध्य में होगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है। आयोजन समिति का कहना है कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानवता और धर्म की रक्षा का प्रतीक है, और उनका संदेश आज भी समाज को नई राह दिखाता है। इस समागम में गुरुवाणी कीर्तन, प्रवचन, अरदास और एक विशाल लंगर का भी आयोजन किया जाएगा। अयोध्या से गहरा नाता
ब्रह्मकुंड साहिब गुरुद्वारा का इतिहास अयोध्या और राम मंदिर से गहरा जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि जब-जब मुगल आक्रांताओं ने राम मंदिर पर आक्रमण किया, तब सिख समुदाय ने इसी गुरुद्वारे से मंदिर की रक्षा की थी।
पौराणिक मान्यताओं और ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार, इस गुरुद्वारे में सिखों के तीन गुरुओं ने दर्शन दिए थे – गुरु नानक देव , गुरु तेग बहादुर , और गुरु गोविंद सिंह ।