पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई में 30 मामलों की समीक्षा, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

लखनऊ( ), 29 अगस्त 2025।उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने शुक्रवार को इंदिरा भवन, लखनऊ स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त 30 शिकायतों और पत्रावलियों की जनसुनवाई की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।जनसुनवाई के दौरान अन्य पिछड़े वर्ग के जाति प्रमाण पत्र की वैधता और निर्गमन प्रक्रिया पर विशेष सचिव, कार्मिक विभाग के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही कठिनाइयों पर विचार-विमर्श किया गया और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।रमेश सिंह और दिनेश कुमार के सेवानिवृत्ति उपरांत देयकों के भुगतान से जुड़े मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई। आयोग अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव सहकारिता को पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, सीतापुर जनपद की उमा देवी की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में उपजिलाधिकारी, सिधौली की लापरवाही को गंभीर मानते हुए नियुक्ति विभाग को अवगत कराने का निर्णय लिया गया।लखनऊ निवासी सुधा सिंह के पति स्वर्गीय आनंद कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति उपरांत देयकों का भुगतान न होने के मामले में नगर विकास विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी असंतोष प्रकट किया गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता दिखाएँ और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए शिकायतकर्ता को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें।वहीं झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य (हिंदी) नवीन चंद्र पटेल से संबंधित प्रकरण का समाधान हो जाने पर आयोग ने इसे निस्तारित कर दिया।अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि भविष्य में सुनवाई के दौरान सक्षम अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उनके विरुद्ध कार्यवाही के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा