उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी में होगा योगदान: धर्मपाल सिंह

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में दुग्ध विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, इसलिए दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या लगातार बढ़ाई जाए और निष्क्रिय समितियों को क्रियाशील किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित समितियां किसी भी कारण से बंद न हों।मंत्री ने कहा कि किसानों और पशुपालकों को दुग्ध व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए, उन्हें नई तकनीकों और जानकारियों से अवगत कराया जाए, ताकि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के महत्वपूर्ण और सार्वजनिक स्थानों पर पराग बूथ स्थापित किए जाएं और दूध, दही, लड्डू, मक्खन जैसे शुद्ध, स्वादिष्ट और पौष्टिक उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।बैठक में दुग्ध विकास मंत्री ने दुग्ध समितियों के गठन और पुनर्गठन, डेयरी प्लांट की उपयोगिता क्षमता, दुग्ध उपार्जन, तरल दुग्ध बिक्री बकाया और दुग्ध मूल्य भुगतान की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जुलाई 2025 तक 7,504 समितियां कार्यरत हैं। जिला योजना के तहत 220 समिति गठन लक्ष्य में से 190 का गठन पूर्ण हुआ है और 450 समिति पुनर्गठन लक्ष्य में से 285 पूर्ण हुए हैं। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2,250 समिति गठन लक्ष्य में से 1,307 गठन किए गए हैं।दुग्ध उपार्जन और बिक्री की स्थिति का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि औसत दुग्ध उपार्जन प्रतिदिन 3.71 लाख लीटर प्रति दिन (एलकेजीपीडी) रहा, जो गत वर्ष की तुलना में 51 प्रतिशत अधिक है। वहीं औसत तरल दुग्ध बिक्री प्रतिदिन 2.05 लाख लीटर रही, जिसमें 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि मंत्री के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और अधिकारियों को समितियों की संख्या बढ़ाने तथा बकाया दुग्ध मूल्य भुगतान समय पर करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्रा, श्रीमती नयनतारा, डॉ. राम सागर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।