अफसोसनाक ट्रेन हादसा / दो हज़ार पच्चीस का पहला दर्दनाक रेलवे हादसा, 10 की मौत की खबर सामने आई और 40 से ज़्यादा घायल,,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 23 जनवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
कभी कभी दिल ऐसी घटनाओं को देखकर, सुनकर यकीन तो नहीं होता है। लेकिन जो घटित हो जाए, उससे भी इंकार नहीं किया जा सकता। फिर प्रश्न यह उठता है कि ट्रेनों में इतनी चाक चौबंद सुरक्षा होने पर भी इस तरह की घटनाएं कैसे हो जाती हैं।
आपको बताते चलें कि यह रेल हादसा महाराष्ट्र के जलगांव के प्रांडा स्टेशन के पास हुई। जानकारी के अनुसार लखनऊ से मुंबई की तरफ आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन के बी 4 कोच में स्पार्किंग की वजह से उसे रोका गया था। यह स्पार्किंग शॉर्ट सर्किट से नहीं हुआ था बल्कि हॉट एक्सेल या ब्रेक बाइंडिंग की वजह से हुआ था। जिसकी वजह से बी 4 कोच के पहियों से चिंगारी निकली। यात्रियों को लगा कि बी 4 कोच में आग लग गई। जिसकी वजह से तकरीबन पचास, साठ यात्री अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन के दूसरे ट्रैक की तरफ कूद गए। उधर से गुजरने वाली दूसरी पटरी पर कर्नाटक एक्सप्रेस आ रही थी, जिसकी चपेट में आ कर दस लोगों की मौत की खबर सामने आई है, साथ ही पचास से साथ यात्रियों के घायल होने की खबर है। कई गंभीर रूप से घायलों को निकट के अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिनका इलाज चल रहा है।
यह घटना मुम्बई से 400 किमीटर पहले प्रांडा स्टेशन के पास घटी। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार जब यह घटना घटी तो पटरियों पर लाशें बिछी दिखाई दीं, जिसे देखकर प्रत्यक्ष दर्शियों ने अफसोस जताया।