भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘कम्प्रैहेन्सिव रिहैबिलेशन ऑफ पर्सन्स इन्गैज्ड इन द एक्ट ऑफ बेगिंग’ योजना के तहत लखनऊ में भिक्षावृत्ति से जीवन यापन करने वाले भिक्षुओं के समेकित पुनर्वास के लिए प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं/स्वयंसेवी संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। चयन प्रक्रिया को लेकर गठित समिति द्वारा आर.एफ.पी. (Request for Proposal) में दिए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर संस्थाओं का चयन किया जाएगा।समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि इस कार्य में अनुभव रखने वाली संस्था (न्यूनतम दो वर्ष) ही आवेदन कर सकती है। संस्था को भिक्षावृत्ति से जीवन यापन करने वाले कम से कम 250 भिक्षुओं के पुनर्वास के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रदान करने होंगे। इसके अतिरिक्त, संस्था को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत होना चाहिए और पिछले दो वर्षों का औसत वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए।आवेदन करने वाली संस्था को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी या एफ.डी.आर. निदेशक, समाज कल्याण, उ.प्र., लखनऊ के नाम पर बंधक के रूप में संलग्न करनी होगी। यदि बैंक गारंटी/एफ.डी.आर. संलग्न नहीं की जाती है, तो आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा।निदेशक ने बताया कि चयनित संस्था को आर.एफ.पी. में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा और कार्य की प्रगति के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इस परियोजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 03 फरवरी, 2025 निर्धारित की गई है। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।आवेदन डाक द्वारा या सीधे कार्यालय, निदेशालय समाज कल्याण, 3 प्राग, नरायण रोड, लखनऊ में जमा किए जा सकते हैं। इस योजना से संबंधित अन्य जानकारी विभाग के कार्यालय और विभागीय वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।