प्रयागराज। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने महाकुम्भ 2025 के दौरान रासायनिक एवं परमाणु आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
रासायनिक एवं परमाणु आपदाओं जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए मेला प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन एवं चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
महाकुंभ 2025 के विशाल आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के संयुक्त प्रयास से प्रयागराज में परमाणु दुर्घटना से बचाव एवं सुरक्षा जैसे संवेदनशील तथा महत्वपूर्ण विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज पुलिस लाइन, संकल्प पंडाल हॉल, मेला ग्राउन्ड, प्रयागराज में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर और रासायनिक आपदाओं से निपटने की तैयारी को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों, रासायनिक आपदाओं का त्वरित आकलन, प्रभावितों का सुरक्षित बचाव और स्वास्थ्य सहायता प्रबंधन पर जोर दिया गया तथा विभिन्न आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया |
कार्यक्रम के शुभारम्भ में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम. (से.नि.) ने कहा कि प्रदेश में महाकुम्भ जैसे बड़े आयोजन के दौरान सभी स्टेक होल्डर की जागरूकता एवं जानकारी के लिए परमाणु और रासायनिक दुर्घटना से बचाव एवं सुरक्षा संबंधित कार्यशाला करायी जा रही है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार से परमाणु ऊर्जा विभाग, भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर, मुंबई, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ,नई दिल्ली, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, नई दिल्ली, राज्य आपदा मोचन बल, लखनऊ, भारतीय सेना, मेला प्रशासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, अग्निशमन विभाग, जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी एवं मेला क्षेत्र में स्थापित सभी अस्पतालों के चिकित्साधिकारी तथा एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, मिर्जापुर, श्रावस्ती एवं गोरखपुर के अधिकारियों सहित कुल 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया।