मंदिर से यज्ञशाला – आचार्य सुरेश जोशी

🥣🥣 ओ३म् 🥣🥣

*मंदिर से यज्ञशाला*

सनातन संस्कृति में मंदिरों के अंग अनिवार्य हैं। 🪷 *यज्ञशाला*🪷 *पाठशाला* 🪷 *गोशाला* 🪷 *व्यायाम शाला*🪷 वर्तमान में मंदिरों में इन चारों बातों का अभाव होने से मंदिर सूने -सूने से रहते हैं केवल पर्व विशेष पर लोग मनौती मानने मंदिर में आते हैं इसी में संतुष्ट होकर चले जाते हैं।

आज मंडल बस्ती में आदरणीय नेता *श्री बच्चा लाल जी* के नेतृत्व में 🏤 करण मंदिर 🏤 में 🔥 वैदिक यज्ञ एवं सत्संग 🔥 सम्पन्न हुआ। जहां पर श्रद्धालुओं को यह बताया गया है *सतयुग के महान याज्ञिक भगवान शंकर, त्रेतायुग के महान याज्ञिक भगवान श्रीराम, द्वापर युग के महान याज्ञिक भगवान श्रीकृष्ण व कलियुग के महान याज्ञिक महर्षि दयानंद सरस्वती जी महाराज थे* ।

महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने यज्ञ को व्यवसाय से हटाकर विज्ञान व आयुर्वेद से जोड़ कर विश्व में मानव मात्र के लिए यज्ञ को अनिवार्य कर्म बताया।

🚩 *प्रभात यात्रा*🚩

प्रतिदिन की तरह आज भी प्रभात फेरी निकाली गई।आज का मानचित्र स्वामी दयानंद विद्यालय से न ई बाजार कालोनी रहा। जिसमें *मंत्री गरुढ़ ध्वज, पुरोहित देवव्रत आर्य,शिव श्याम, उपेंद्र शर्मा ने नेतृत्व किया*

जगह जगह पर व्यायाम, राष्ट्रीय गीत, ईश्वर भक्ति के गीत व ५१ वें वार्षिकोत्सव समारोह में आमंत्रित करने के लिए संबोधन किये गये!

🏵️ *ग्राम घरसोहिया*🏵️

तीसरी सभा ग्रामीण अंचल में आदरणीय 🌻 मुक्तिनाथ मिश्र 🌻 जी के प्रांगण में वैद वैदिक यज्ञ व सत्संग हुआ। जहां पर भक्ति रस का पान कराते हुए बाराबंकी से पधारी वैदिक विदुषी *पंडिता रुक्मिणी देवी* ने कहा!

चली-चली रे उमर तेरी चली रे!

चली छोड़ संसार बड़ी तेज रफ्तार दिन रात पै सवार होके चली रे!

समस्त ग्रामीण अंचल के श्रोता भक्ति रस का पान करते रहे। आदरणीय *पुरोहित राधेश्याम जी* ने यज्ञ व्यवस्था व मंच संचालन का कार्य सुव्यवस्थित रूप से किया।

आचार्य सुरेश जोशी

*प्रवासी कार्यालय*

आर्य भवन राजा बाजार बस्ती उ० प्र०।।