डीएम के निर्देश पर कूटरचित अभिलेखों के आधार पर बैनामा करने व बैनामा कराने वालों सहित गवाहों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) हुआ दर्ज।

जितेन्द्र पाठक
संत कबीर नगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश ने बताया है कि जिलाधिकारी के जनता दर्शन में कार्यालय, उप निबन्धक, मेहदावल एवं कार्यालय उप निबन्धक, धनघटा में कूटरचित अभिलेख तैयार कर बैनामा करने का एक-एक प्रकरण आया, जिसकी जांच जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) से करायी गयी। जांच में स्पष्ट हुआ कि कूटरचित अभिलेख तैयार कर बैनामा किया गया है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यालय, उप निबन्धक, मेहदावल में विक्रेता तुलसीराम उर्फ नाथूराम बनकर कोई अन्य व्यक्ति द्वारा बैनामा किया गया है, जिसमे अभिलेख (आधार कार्ड) में कूटरचना कर अपना नाम अंकित करके फर्जी बैनामा किया गया है।
इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी द्वारा जांच में पाया गया कि कार्यालय, उप निबन्धक, धनघटा में निर्मला देवी द्वारा अभिलेख (खतौनी) में कूट रचना कर अपना नाम अंकित कराके फर्जी बैनामा किया गया है।
उक्त के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा उप निबन्धक कार्यालय मेहदावल एवं धनघटा में कूटरचित अभिलेख प्रस्तुत करने एवं सम्पत्ति हडपने के सम्बन्ध में  प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने हेतु उप निबंधक को निर्देशित किया गया तथा इसकी सूचना से प्रभावित पक्षों अवगत कराया गया।
तत्क्रम में मेहदावल थाने में राधेश्याम पुत्र प्रभुनाथ, पटेश्वरी पुत्र गनपत, प्रभात सिंह पुत्र रामनयन सिंह, संतोष कुमार पुत्र क्षिनकान, तुलसीराम, हकीकुल्लाह पुत्र जिल्ले एवं चंद्रशेखर चौधरी के नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करा दी गयी है। इसी प्रकार धनघटा थाना में निर्मला देवी पत्नी श्री रामवृक्ष, छोटेलाल पुत्र योगेंद्र, त्रिलोकीनाथ पुत्र जगदीश त्रिभुवन पुत्र श्रीराम, बृजमोहन पुत्र महेंद्र के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) पंजीकृत करा दी गई है। शीघ्र जांच कर दोषी व्यक्तियों को दण्डित कराने की कार्यवाही की जायेगी।

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