जीत जाएंगे हर चाल हर घात पर।
आप जो साथ में हो सभी मात पर।
रौशनी की हमें आरज़ू अब नहीं।
शब भी रौशन लगे है मुलाक़ात पर।
चंद बातें करें प्यार से वो अगर।
ज़िन्दगी हम बिता दें इसी बात पर।
वो मिले और मिलकर बिछड़ भी गए।
भूल कर भी मिटे न वो जज़्बात पर।
रश्मि हासिल उन्हें उम्र भर कुछ नहीं।
प्यार भी बाटा जिसने न सौगात पर।
ज्योतिमा शुक्ला ‘रश्मि’