भारतीय किसान यूनियन का नगर निगम पर प्रदर्शन 22 सूत्रीय मांगों को लेकर घेराव, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, बृहस्पतिवार। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न जनसमस्याओं और भ्रष्टाचार के विरोध में बृहस्पतिवार को एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अयोध्या महानगर पालिका (नगर निगम) का घेराव किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने नगर निगम प्रशासन और स्थानीय कोतवाल को 22 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा ने कहा कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं और आम जनता तथा किसानों की शिकायतों पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। वरिष्ठ प्रदेश सचिव फरीद अहमद ने आरोप लगाया कि नगर निगम के विस्तार के बाद शामिल की गई ग्राम सभाओं में धरातल पर कोई विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जबकि जर्जर नालियों के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
महिला जिलाध्यक्ष सुमन पांडे ने बताया कि पात्र व्यक्ति आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। कई परिवार जर्जर मकानों और छप्परों में रहने को मजबूर हैं। दर्जनों पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड हेतु लिखित आवेदन देने के बावजूद कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। धरना स्थल पर पहुंचे अयोध्या कोतवाल और नगर पालिका अधिकारियों ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार किया। अधिकारियों ने दीपोत्सव और आगामी परिक्रमा मेले की बैठकों का हवाला देते हुए आश्वस्त किया कि मुख्य पर्व संपन्न होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कराकर सभी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा।
वरिष्ठ प्रदेश सचिव फरीद अहमद ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते किसान समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो भाकियू उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से बाबूराम, जवाहरलाल तिवारी, आलोक यादव, शिवकुमार, बाबूलाल, कन्हैया, सुषमा, लालमति, जनक, ललित, शिव कुमारी, सुनीता, मीणा गौड़, भानमता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।