दादी के लिए सब्जी मांगने मनीष मिश्रा के आवास पहुंचा मासूम, हर महीने दो हजार की सब्जी देने का किया वादा
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। जनसेवा का असली अर्थ जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक उदाहरण भाजपा नेता मनीष मिश्रा के सामने आया, जब अपनी दादी के लिए सब्जी लेने की इच्छा लेकर एक मासूम बच्चा उनसे मिलने उनके आवास पहुंचता है
दरअसल, मनीष मिश्रा के दिल्ली में होने के कारण बच्चे की उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही थी। बच्चे के आने की जानकारी जब मनीष मिश्रा को मिली और वह दिल्ली से वापस लौटे तो उन्होंने बिना देर किए बच्चे को अपने पास बुलाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चे को स्नेहपूर्वक गले लगाया और प्यार से पूछा कि उसे क्या चाहिए?
मासूम ने बड़ी सहजता से जवाब दिया कि उसे पैसे चाहिए। मनीष मिश्रा ने प्यार से पूछा कि पैसों का क्या करोगे? इस पर बच्चे ने मासूमियत से बताया कि उसे अपनी दादी के लिए सब्जी ले जानी है। बच्चे की यह बात सुनकर मनीष मिश्रा भावुक हो गए और तत्काल उसे सब्जी दिलवाई।
इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चे को आश्वस्त किया कि अब उसकी दादी के लिए हर महीने दो हजार रुपये की सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें सब्जी के लिए परेशान न होना पड़े।
इस मुलाकात का सबसे भावुक पल तब आया, जब सब्जी मिलने के बाद वीडियो कॉल के जरिए बच्चे की मनीष मिश्रा से दोबारा बात कराई गई। मनीष मिश्रा ने बड़े प्यार से पूछा, “सब्जी मिल गई?” इस पर बच्चे ने मासूमियत भरे अंदाज में जवाब दिया, “आई लव यू मनीष भैया।” बच्चे के मुंह से निकले ये चंद शब्द इस मुलाकात की सबसे खूबसूरत याद बन गए।
एक मासूम की अपनी दादी के प्रति चिंता और मदद मिलने पर उसके निश्छल प्यार ने सभी का दिल छू लिया। मनीष मिश्रा की इस पहल ने यह संदेश दिया कि जरूरतमंदों की मदद के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा संवेदनशील हृदय की आवश्यकता होती है। एक बच्चे की छोटी-सी इच्छा को सम्मान देते हुए उसकी दादी के लिए हर महीने सब्जी की व्यवस्था करना मानवीय संवेदना और सेवा भावना की एक सराहनीय मिसाल है।
Manish Mishra