लखनऊ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिल के आंशिक भुगतान की संशोधित व्यवस्था लागू की है। इसके तहत घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को कुल बकाये और विलंब अधिभार का 10 प्रतिशत तथा वर्तमान बिल की देय राशि जमा करनी होगी। अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बकाये और अधिभार का 25 प्रतिशत तथा वर्तमान देय राशि जमा करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 29 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।नई व्यवस्था के तहत विभागीय कैश काउंटर, ऑनलाइन माध्यम और अन्य बिल संग्रह एजेंसियों के जरिए आंशिक भुगतान करने के लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता महीने में एक से अधिक बार भी आंशिक भुगतान कर सकेंगे। जमा की गई राशि का समायोजन नियामक आयोग के निर्देशों के अनुसार पहले के बकाये और विलंब अधिभार में आनुपातिक रूप से किया जाएगा। शेष धनराशि पर नियमानुसार विलंब अधिभार लगता रहेगा।अस्थायी रूप से काटे गए बिजली कनेक्शन को दोबारा जुड़वाने के लिए भी आंशिक भुगतान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए निर्धारित न्यूनतम राशि के साथ नियमानुसार आरसी/डीसी शुल्क जमा करना होगा। भुगतान रसीद पर कुल बिजली बिल और जमा की गई राशि स्पष्ट रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।पावर कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल बकाया रहने पर वितरण निगम को नियमानुसार कनेक्शन काटने का अधिकार रहेगा। उपभोक्ताओं को कनेक्शन कटने से बचने के लिए बिजली बिल का पूरा भुगतान समय से करने की सलाह दी गई है।