रामबाग में प्रांतीय वैदिक गणित, ज्ञान-विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव का समापन
गोरखपुर संकुल बना सर्वजेता, बस्ती संकुल उपविजेता
भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बनेगा विकसित भारत : राम सिंह
बस्ती। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रांतीय वैदिक गणित, ज्ञान-विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव-2026 का आज समापन हो गया। इस महोत्सव में गोरखपुर संकुल सर्वजेता बनकर उभरा, जबकि बस्ती संकुल उपविजेता रहा। महोत्सव में गोरक्ष प्रान्त के पाँच संकुलों के भैया-बहनों ने वैदिक गणित, विज्ञान, नवाचार एवं सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह जी रहे। साथ ही गोरखपुर संभाग के संभाग निरीक्षक श्री अजय कुमार दूबे जी, बलिया संभाग के संभाग निरीक्षक श्री कन्हैया चौबे जी, विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह जी, प्रबंध समिति सदस्य श्री दिनेश पाल जी संत कबीर नगर के प्रधानाचार्य श्री रमेश राय जी, देवरिया के प्रधानाचार्य श्री मानबहादुर सिंह जी, सिद्धार्थनगर के प्रधानाचार्य श्री बसंत मिश्र जी, आर्यमगढ़ के प्रधानाचार्य, प्रान्त संस्कृति बोध प्रमुख श्री भानु प्रताप त्रिपाठी जी, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह आदि समापन समारोह में उपस्थित रहे।
समापन समारोह का प्रारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। इसके पश्चात वंदना टोली ने दैनिक वंदना प्रस्तुत की। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह जी ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया तथा अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिनकी रुचि विज्ञान, खेल और संगीत में है, वे निरंतर अभ्यास एवं परिश्रम से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पंक्तियों “हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा” का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
समारोह में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की टीम तथा सरस्वती बालिका विद्यालय, गोरखपुर की टीम ने गीत प्रस्तुत किए। प्रांतीय विज्ञान प्रमुख श्री उमेश जी ने महोत्सव का वृत्त-निवेदन किया।
प्रतियोगिताओं के समग्र परिणाम की घोषणा विद्यालय के आचार्य श्री आशीष सिंह जी ने की। 212 अंकों के साथ गोरखपुर संकुल सर्वजेता, 197 अंकों के साथ बस्ती संकुल उपविजेता तथा 165 अंकों के साथ बलिया संकुल तृतीय स्थान पर रहा। देवरिया संकुल चौथे और आर्यमगढ़ संकुल पाँचवें स्थान पर रहा।
इसके पश्चात अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों एवं संकुलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि एवं शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह जी ने कहा कि विद्या भारती अपनी यात्रा के 75वें वर्ष की ओर अग्रसर है। वर्ष 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग से प्रारंभ हुई यह यात्रा भारतीय जीवन-मूल्यों एवं संस्कृति पर आधारित शिक्षा के प्रसार का माध्यम बनी है।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यार्थी विज्ञान, कला, संस्कृति, शोध एवं तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ा रहे हैं। यह महोत्सव प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं अनुसंधान क्षमता विकसित कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य श्री अंशुमान त्रिपाठी जी ने किया। अंत में बलिया संभाग के संभाग निरीक्षक श्री कन्हैया चौबे जी ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रभाव से ओतप्रोत वन्दे मातरम् गीत के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर विजय नारायण उपाध्याय, दिनकर त्रिपाठी, अश्विनी कुमार पाण्डेय ,श्री आशीष सिंह, डॉ. राजन श्रीवास्तव, श्री हरिश्चन्द्र वर्मा, श्री रविकुल रतन पाण्डेय, अरुण सिंह, रंजीत सिंह, हरिनारायण तिवारी, चंद्रमणि पाण्डेय, सतीश मौर्य, अखिलेश पाण्डेय एवं रामेन्द्र पाल, श्री सुधांशु सिंह, श्री वायुनन्दन मिश्र,श्री अंकित कुमार गुप्ता, श्री अशीन्द्र प्रकाश मिश्र एवं श्री शिवेंद्र प्रताप सिंह सहित उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी श्री अंकित कुमार गुप्ता ने दी।