मनीष मिश्रा के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, बस्ती में प्रस्तावित है बाबा बागेश्वर धाम सरकार का आगमन

मनीष मिश्रा के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, बस्ती में प्रस्तावित है बाबा बागेश्वर धाम सरकार का आगमन

 

25 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच बस्ती आने का प्रस्ताव, पहल संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा ने बागेश्वर धाम पहुंचकर दिया था आमंत्रण

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती। आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण के साथ बस्ती को नई पहचान दिलाने की दिशा में पहल संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा के प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिलती दिखाई दे रही है। बागेश्वर धाम पहुंचकर पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी को बस्ती की पावन धरती पर कथा के लिए आमंत्रित करने की पहल के बाद उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाबा बागेश्वर धाम सरकार का बस्ती आगमन 25 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच प्रस्तावित है। हालांकि, कार्यक्रम की निश्चित तिथि और विस्तृत आयोजन संबंधी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

बस्तीवासियों के लिए यह संभावित आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। यदि निर्धारित अवधि में कार्यक्रम आयोजित होता है, तो इससे जिले में धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।

 

पहल संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा लंबे समय से सामाजिक, शैक्षिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से बस्ती को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। उनका चर्चित विचार है— **‘बस्ती को बेस से स्पेस तक।’** इस संकल्प के पीछे जिले को विकास, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की परिकल्पना है।

 

बाबा बागेश्वर धाम सरकार को बस्ती आमंत्रित करने की पहल को भी इसी व्यापक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। मनीष मिश्रा की इच्छा है कि बस्ती की पहचान केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि देशभर में यहां की प्रतिभा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक गतिविधियों की चर्चा हो।

 

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रमों में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बस्ती में उनके संभावित आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता स्वाभाविक है। आयोजन की अंतिम तिथि, स्थान, स्वरूप और अन्य व्यवस्थाओं की घोषणा होने के बाद कार्यक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

 

बस्ती की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए यह आयोजन जिले के लिए धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता, सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

 

मनीष मिश्रा के लिए यह पहल व्यक्तिगत संकल्प से आगे बढ़कर बस्ती की सामूहिक आकांक्षाओं से जुड़ती दिखाई दे रही है। अब जिलेवासियों की निगाहें बाबा बागेश्वर धाम सरकार के प्रस्तावित आगमन और आयोजन की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।