बिड़हर घाट पर शिवमय हुआ दक्षिणी तट, रमापति राम त्रिपाठी और जय चौबे ने किया शिव प्रतिमा का अनावरण
नीलमणि की पहल से श्मशान घाट को मिली धार्मिक पहचान, पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा का अनूठा संगम
हहेश्वर नाथ मंदिर के पोखरे को हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं को किया समर्पित, नवरात्र पर भव्य फलाहार कार्यक्रम का आयोजन
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। बिड़हर घाट के दक्षिणी तट को पर्यावरणीय और धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की परिकल्पना अब साकार रूप लेने लगी है। शनिवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. रमापति राम त्रिपाठी और खलीलाबाद के पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान पूरा परिसर शिव आराधना और धार्मिक उद्घोष से गूंज उठा। पर्यावरण की मनोरम छटा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में नीलमणि की पहल की अतिथियों ने सराहना की।
बिड़हर घाट के दक्षिणी तट को ऑर्गेनिक पार्क के रूप में विकसित करने के साथ धार्मिक स्थल के तौर पर पहचान दिलाने की दिशा में नीलमणि लगातार प्रयास कर रहे हैं। शिव प्रतिमा की स्थापना इसी पहल की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य अतिथि डा. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि श्मशान घाट पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा की स्थापना जीवन की नश्वरता का बोध कराती है। यह संदेश देती है कि मनुष्य को मोह, लोभ और छल का त्याग कर समाजसेवा के लिए स्वयं को समर्पित करना चाहिए।
डा. त्रिपाठी ने बिड़हर घाट के दक्षिणी तट को ऐतिहासिक, पर्यावरणीय और धार्मिक दृष्टि से विकसित करने के प्रयासों के लिए नीलमणि को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के लिए अपने निजी संसाधनों से समर्पित होकर कार्य करना प्रेरणादायक है। नीलमणि जिस सेवा भाव से लगातार सामाजिक कार्यों में जुटे हैं, वह समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।
जय चौबे बोले—सेवा और समर्पण को बनाया राजनीति का माध्यम

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने कहा कि नीलमणि ने राजनीति को सेवा और समर्पण का माध्यम बनाकर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि दक्षिणांचल में द्वाबा की मिट्टी को सम्मान दिलाने से लेकर अधिवक्ताओं और पत्रकारों के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए खड़े होने तक, नीलमणि के प्रयास सराहनीय रहे हैं। बिड़हर घाट के दक्षिणी छोर की रेतीली भूमि पर हरियाली विकसित करना और श्मशान घाट पर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करना भी इसी सेवा भावना का परिचायक है।
हहेश्वर नाथ मंदिर के पोखरे को हवन-पूजन के बाद किया समर्पित
बिड़हर घाट पर आयोजित कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने हैसर स्थित हहेश्वर नाथ मंदिर परिसर के पोखरे का भी अवलोकन किया। नीलमणि ने इस पोखरे को क्षीरसागर की अलौकिक छटा के अनुरूप विकसित कराया है। अतिथियों ने हवन-पूजन के बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए समर्पित किया। नवरात्र के पावन अवसर पर नीलमणि की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भव्य फलाहार कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इससे पूर्व धनघटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी नीलमणि ने चेयरमैन रिंकुमणि के साथ दोनों अतिथियों का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में नीलमणि ने विभिन्न आयोजनों में सहभागिता करने वाले सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बंधु चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष बद्री यादव, पूर्व प्रमुख प्रिंस अगम सिंह, दिगपाल पाल, दिनेश चौधरी, संतलाल मौर्य, अजय पांडेय, अभयानंद सिंह, सुशील सिंह, राजन राय और राणा राय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।