राम मन्दिर परिसर में मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की आराधना

अयोध्या।  श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर परिसर इन दिनों शारदीय नवरात्रि की भक्ति और शक्ति की आभा से आलोकित है। नवरात्रि के तीसरे दिन मंगलवार को मन्दिर परिसर में मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की विशेष आराधना और पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मन्दिर के अर्चकों ने देवी चंद्रघंटा का पूजन-अर्चन किया। मान्यता है कि देवी चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधक को अलौकिक शांति, पराक्रम और निर्भयता प्राप्त होती है। मन्दिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रामलला के दर्शन के साथ-साथ भक्तों ने देवी के इस शक्तिस्वरूप का भी आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे परिसर में घंटा-घड़ियाल और दुर्गा स्तुति की गूंज से भक्तिमय वातावरण बना रहा। पुजारियों के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवदुर्गा के सभी नौ स्वरूपों की क्रमशः पूजा और विशेष श्रृंगार किया जाएगा, ताकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि पर शक्ति और भक्ति का संगम बना रहे।