महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा भगवदाचार्य स्मारक सदन में आयोजित पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के पांचवें दिन प्रसंग अत्यंत मनोहारी और उत्साहवर्धक रहा। भगवान श्रीराम द्वारा धनुष भंग और उसके उपरांत क्रोधी स्वभाव वाले परशुराम जी के आगमन व लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महंत और श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। समारोह के पांचवें दिवस की भव्यता और दिव्यता देखते ही बनती थी। इस अवसर पर संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति के महामंत्री स्वामी संजय दास महाराज, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, महंत विवेक दास महाराज, महंत शशिकांत दास महाराज, महंत धनुषधारी शुक्ला, बाबा अभिषेक दास, पुजारी अंकित दास, अंबिका दास, घनश्याम दास और तन्मय दास सहित अयोध्या के तमाम प्रतिष्ठित संत-महंत और गणमान्य भक्तजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया तथा भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया। लीला मंचन के दौरान कलाकारों के सजीव अभिनय ने पंडाल में उपस्थित सभी संतों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।