गतिविधि आधारित शिक्षण समय की जरूरत – संजय शुक्ल

गतिविधि आधारित शिक्षण समय की जरूरत – संजय शुक्ल

-प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए पांच प्रतिभागी चयनित

 

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण को रुचिकर, प्रभावी और गतिविधि आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शुक्रवार को कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री के माध्यम से शिक्षण संबंधी प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जनपद के 80 शिक्षकों ने प्रतिभाग कर अपने शैक्षिक नवाचारों और रचनात्मक शिक्षण विधियों का प्रदर्शन किया। विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया।

डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि शिक्षण को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के अनुभवों, गतिविधियों और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कला, क्राफ्ट जैसी विधियां कठिन विषय-वस्तु को सरल एवं सहज बनाने के साथ बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के नवाचारों को मंच प्रदान करने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और कक्षा-कक्ष में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर भाषा एवं गणित तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर गणित, सामान्य अध्ययन और विज्ञान विषयों में शिक्षकों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। प्राथमिक स्तर पर भाषा विषय में सुनीता चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गणित में प्रवेश कुमार प्रथम रहे। उच्च प्राथमिक स्तर पर सामान्य अध्ययन में राम लखन, विज्ञान में सुनील कुमार पाण्डेय और गणित में राजीव कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया। ये पांचों शिक्षक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता के नोडल प्रवक्ता डॉ. गोविंद प्रसाद ने कहा कि कला, क्राफ्ट और पपेट्री के माध्यम से शिक्षण बच्चों को करके सीखने का अवसर देता है। इन विधियों के प्रयोग से कक्षा में बच्चों की सहभागिता बढ़ती है और विषय-वस्तु को समझना आसान होता है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रचनात्मक प्रयोग अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, नीलम गुप्ता, पूर्णिमा श्रीवास्तव, प्रमोद यादव और विनय वर्मा शामिल रहे। प्रतियोगिता का उद्देश्य शिक्षकों के शैक्षिक नवाचारों को प्रोत्साहित करना तथा विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना रहा।

इस अवसर पर सरिता चौधरी, अलीउद्दीन खान, वर्षा पटेल, वंदना चौधरी, कल्याण पाण्डेय, डॉ ऋचा शुक्ला, शशि दर्शन त्रिपाठी, नवनीत वर्मा आदि उपस्थित रहे।