लाल बहादुर धन्य है

लाल बहादुर धन्य है

जन्मदिवस पर लाल के, सुनें एक फ़रियाद।
सौरभ सदा बहादुर की, सीखों को रख याद ।।

करो-मरो की गूँज से, गूँजा हिन्दुस्तान।
सैनिक औ किसान बढे, बनी शक्ति पहचान ।।

लाल बहादुर ने करी, देश हितों की आस।
मगर कपटियों को कभी, आई ना वो रास ।।

फर्ज निभाते थे सदा, दीन -दुखी -हितकार ।
लाल बहादुर थे यहाँ, सच्चे पहरेदार ।।

छलकी आज किसान के, अंतर्मन की पीर।
लाल बहादुर के बिना, सौरभ आज अधीर ।।

लाल बहादुर धन्य है, नमन तुम्हें सौ बार।
सत्ता से पहले किया, जन्म भूमि से प्यार ।।

भारत माता पूछती, आज कहाँ है लाल।
कृषक बिना बहादुर के, चिंतित है बेहाल ।।

भारत का अभिमान वह, आन-बान- सम्मान।
लाल बहादुर से ही है, आज देश की शान ।।

-डॉ सत्यवान सौरभ

(डॉ. सत्यवान सौरभ, पीएचडी (राजनीति विज्ञान), एक कवि और सामाजिक विचारक है।)

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– डॉo सत्यवान सौरभ,

कवि, सामाजिक विचारक एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी,

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