सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने अपने कार्यालय पर की प्रेसवार्ता, SIR को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने अपने कार्यालय पर की प्रेसवार्ता, SIR को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

 

संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवाद में घसीटने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस : अंकुर राज तिवारी

 

निर्वाचन आयोग के फैसलों को बताया सर्वसम्मत, बोले—चुनावी हार की खीझ में भ्रम फैला रहा विपक्ष

 

जितेन्द्र पाठक

 

संतकबीरनगर। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। प्रशासनिक एवं संवैधानिक विषयों को राजनीतिक ढाल बनाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने से उसकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

अंकुर राज तिवारी ने कहा कि लगातार चुनावी हार से परेशान कांग्रेस अपनी राजनीतिक नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने के बजाय जनादेश पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक शैली बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने लगता है।

उन्होंने 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों एसएस संधू एवं विवेक जोशी की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि SIR सहित आयोग के प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर विभिन्न चरणों की समय-सारिणी तक सभी निर्णय पूरे आयोग की सहमति से लिए गए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी 27 मई 2026 को SIR प्रक्रिया को कानूनी रूप से बरकरार रख चुका है।

कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र और Form-6 पर भी दी सफाई

सदर विधायक ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया गया। यह पत्र किसी नीतिगत विषय, SIR अथवा आयोग के आईटी प्रभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक मामला था। उन्होंने एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट को भी तथ्यहीन बताते हुए कहा कि विपक्ष ने उसे आधार बनाकर निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की।

Form-6 को लेकर अंकुर राज तिवारी ने कहा कि SIR के लिए Form-6 से जुड़े घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने वैध माना है। गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फार्म पूर्ववत लागू हैं। उन्होंने कहा कि आयोग हर पात्र नागरिक को मताधिकार सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष शिविर लगाने तथा छूटे हुए लोगों के घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र करने की व्यवस्था की जा रही है।

राहुल गांधी और कांग्रेस के पुराने बयानों का किया उल्लेख

प्रेसवार्ता में अंकुर राज तिवारी ने राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से पूर्व में संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 2024 में EVM को लेकर दिए गए बयानों, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर लगाए गए आरोपों, न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर विदेशों में दिए गए कथित बयानों तथा राफेल मामले में CAG की रिपोर्ट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का जिक्र किया। इसके अलावा 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2022 की तवांग झड़प को लेकर राहुल गांधी के बयानों का भी उल्लेख किया गया।

उन्होंने कहा कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपने बयान से जोड़ने के बाद राहुल गांधी को अदालत में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी। सदर विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।

तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस : अंकुर राज तिवारी

अंकुर राज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस को निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने से कांग्रेस की राजनीतिक और संगठनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की अपील की।