अयोध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी महंत एकनाथ महाराज ने पांडुरंग सरकार और बाबा बागेश्वर को खुली चुनौती देते हुए अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी आने के लिए ललकारा है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों अपनी विद्या और पर्ची के जरिए लोगों की जानकारी बताने के दावों को लेकर आश्वस्त हैं तो छावनी में आमने-सामने बैठकर परीक्षा दें। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि दावों में कितनी सच्चाई है।
महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि पर्ची के जरिए इतनी अधिक जानकारी हासिल करने का दावा किया जाता है तो फिर देश में खुफिया एजेंसियों की जरूरत क्यों पड़े। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि इस विद्या में इतनी शक्ति है तो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अस्पतालों की आवश्यकता क्यों हो। उन्होंने कहा कि धर्म और ज्ञान के नाम पर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर तिजोरियां भरने का काम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में ज्ञान और विज्ञान का महत्वपूर्ण स्थान है। ऋषि-मुनियों ने ज्ञान को जनकल्याण का माध्यम बनाया, उसे व्यापार या प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं बनाया। महंत ने आरोप लगाया कि आज कुछ लोग धर्म और चमत्कार के नाम पर लोकप्रियता और कमाई का माध्यम बना रहे हैं।
महंत एकनाथ महाराज ने दोनों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी विद्या पर विश्वास है तो वे अयोध्या की तपस्वी छावनी आएं। यहां दोनों के सामने बैठकर पर्ची बनाने और सवालों के जवाब देने की प्रक्रिया के माध्यम से परीक्षा ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि आमने-सामने की इस परीक्षा के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
महंत ने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी या उसके भूत-भविष्य के बारे में कुछ बता देना अपने आप में चमत्कार नहीं है। उन्होंने दोनों से धर्म के नाम पर लोगों को भ्रमित करने के बजाय धर्म और जनकल्याण के कार्यों पर ध्यान देने का आह्वान किया।