सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर संगठन ने पेश की मिसाल
बहराइच। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ चित्तौरा के तत्वावधान में स्टेशन रोड स्थित भानीरामका अतिथि भवन में सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने की, जबकि संचालन मंत्री भूपेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। सरस्वती वंदना रजनीश पाठक ने प्रस्तुत की।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों को अंगवस्त्र, धार्मिक पुस्तक, डायरी, पान एवं मिष्ठान भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री से पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भानु प्रताप मिश्र का भी चित्तौरा विकास क्षेत्र में स्वागत किया गया। साथ ही संगठन की ओर से आरपी वीरेंद्र कुमार का स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रांतीय मुख्य संरक्षक राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है। सेवानिवृत्ति विभागीय नियम है, शिक्षक कभी शिक्षण कार्य से मुक्त नहीं होता। वह जीवनभर समाज को दिशा देता रहता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा जिस राष्ट्र में शिक्षकों का सम्मान होता है, वह राष्ट्र आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षकों से समाजहित और सभ्य नागरिक निर्माण में अपनी भूमिका पूरी क्षमता से निभाने की अपील की।
राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री राधेश्याम कनौजिया एवं प्रांतीय संयुक्त मंत्री बलवंत सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। विभाग को भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। जिला महामंत्री प्रवीण श्रीवास्तव व जिला मंत्री रामकुमार पांडेय ने शिक्षक को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
पूर्व मंत्री एवं पत्रकार अतहर अली सिद्दीकी ने कहा कि संगठन की यह पहल सराहनीय है और पिछले 25 वर्षों से लगातार ऐसे आयोजन किया जाना अनुकरणीय है। कोषाध्यक्ष अनीस अहमद, आशुतोष वर्मा एवं अभिमन्यु प्रसाद ने संगठन के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में विश्वनाथ पाठक, रामकेश सिंह, सुमन प्रधान, नंदा देवी, गुलफिशा, अर्चना पाठक एवं नसीम जहां शामिल रहीं। कार्यक्रम में शौकत, रजनीश पाठक, सुमन, गीता देवी, संध्या सिंह, शबनम, दिलीप कुमार पांडेय, अतहर मेहंदी, आशुतोष त्रिपाठी, प्रभात श्रीवास्तव सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विचार व्यक्त किए। अंत में अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार जताया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।