राष्ट्रीय लोक अदालत में 65,724 वादों का हुआ निस्तारण, 5.92 करोड़ रुपये की धनराशि वसूल
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति, बस्ती मंडल न्यायमूर्ति श्री राम मनोहर नारायण मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक ने लाइव प्लांट भेंट कर किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री देवेंद्र कुमार-प्रथम एवं न्यायिक अधिकारियों ने बुके व पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान न्यायमूर्ति ने जिला कारागार की ओर से लगाई गई हस्तशिल्प प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के साथ वृक्षारोपण किया।
उन्होंने न्यायालय परिसर में लगाए गए बैंकों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ईसी एक्ट) के निरीक्षण के दौरान लोक अदालत में नियत वादों की जानकारी ली। परिवार न्यायालय के भ्रमण के दौरान सुलह-समझौते से साथ रहने को तैयार दंपत्तियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। न्यायमूर्ति ने दंपत्तियों को बधाई देते हुए उनके सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दीं। परिवार न्यायालय में कुल 51 वाद निस्तारित हुए, जिनमें 14 दंपत्तियों ने सुलह-समझौते के आधार पर साथ रहने की सहमति जताई।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने बार पदाधिकारियों तथा न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने न्याय में पारदर्शिता बनाए रखने, समय से न्यायालय आने तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप निर्णय पारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्णय लेखन में निष्कर्ष एवं साक्ष्यों के मूल्यांकन पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके अलावा जनपद न्यायालय की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के साथ भी बैठक की।
जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शमसुल हक के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर, ग्राम न्यायालयों, तहसीलों, राजस्व न्यायालयों एवं कलेक्ट्रेट में किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 111 मामलों का निस्तारण कर 4 करोड़ 11 लाख 70 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण का एक तथा उपभोक्ता फोरम के 67 मामलों का भी निस्तारण हुआ।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार विभिन्न न्यायालयों से कुल 3,186 मामले तथा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 62,538 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 65,724 वादों का निस्तारण हुआ तथा 5,92,39,413 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
लोक अदालत में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प सामग्री तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ‘एक जिला एक उत्पाद’ से संबंधित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन सामग्रियों को आमजन के क्रय के लिए उपलब्ध कराया गया, जिन्हें न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों ने भी खरीदा।
कार्यक्रम में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मो. रिजवानुल हक, भूमि अर्जन प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी बाबू राम, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु. आराधना रानी, उपभोक्ता फोरम के पीठासीन अधिकारी अमरजीत वर्मा, अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत राकेश कुमार शुक्ला, अपर जिला जज कमलेश कुमार, विशेष न्यायाधीश रामकरन यादव, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत प्रमोद कुमार गिरि सहित न्यायिक अधिकारीगण मौजूद रहे। डीएम कृतिका ज्योत्स्ना, एसपी डॉ. यशबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों का भी आयोजन में सराहनीय योगदान रहा।