महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों की पावन नगरी अयोध्या धाम में ‘श्रीराम लला दर्शन यात्रा’ व संत सम्मेलन अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हो गया। मणि रामदास छावनी में आयोजित संत सम्मेलन में देश भर से पधारे संत-महात्माओं और विद्वानों ने सनातन धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक विषयों पर गहन मंथन किया। अपराह्न 4:00 बजे आरंभ हुआ यह चार घंटे का उच्चस्तरीय संत सम्मेलन रात्रि 8:00 बजे व्यापक विचार-विमर्श और भविष्य के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह संपूर्ण आयोजन श्रीमद् जगद्गुरु अग्रपीठाधीश्वर रैवासा धाम, गौ विप्र साधु संत सेवी स्वामी डॉ. श्री राघवाचार्य वेदांतीजी महाराज के ‘द्वितीय श्रीप्रिय मिलन साकेत प्रयाणोत्सव अयोध्या धाम 2026’ के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।
अवधबिहारी कुंज में गूंजी श्रीराम कथा स्थानीय अवधबिहारी कुंज, रामानंद नगर (अंबाजी मंदिर के पीछे, गोला बाजार, बेगमपुरा, अयोध्या धाम) स्थित कार्यक्रम स्थल पर यह उत्सव रविवार, 30 अगस्त 2026 से मंगलवार, 8 सितंबर 2026 तक संचालित हुआ। इस दौरान प्रतिदिन भक्तिमय माहौल में श्रीरामकथा, श्रीसंत विद्वत संगोष्ठी एवं संत सम्मेलन का प्रवाह जारी रहा, जिसमें पधारे सभी पूज्य संतों ने अपने ओजस्वी विचारों से श्रद्धालुओं को अभिभूत किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अवध बिहारी कुंज के महंत गणेश दास जी महाराज ने अपनी अत्यंत सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई।
प्रेरणास्रोत और श्रद्धालुओं का उत्साह इस गरिमामयी आयोजन के मुख्य प्रेरणास्रोत स्वामी डॉ. राघवाचार्य वेदांतीजी महाराज के परम कृपापात्र श्रीमहामंडलेश्वर हरिकृष्णदास (ग्वालिया बाबा) महाराज हैं। उनके मार्गदर्शन में चल रहे इन आयोजनों को लेकर अयोध्या धाम में पधारे देश के कोने-कोने के संतों, महात्माओं और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह एवं अपार श्रद्धा देखने को मिली।