उत्तम से सर्वोत्तम और निरोगी से योगी बनने की साधना है योग : दुर्गेश सिंह
अनुराग लक्ष्य न्यूज
बस्ती। पतंजलि योग समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश के राज्य प्रभारी योगी दुर्गेश सिंह ने बुधवार को भोर में बस्ती पहुंचकर जिले में संचालित योग कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती में चल रही योग कक्षा में पहुंचकर साधकों के साथ योगाभ्यास किया और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
योगाभ्यास के दौरान योगी दुर्गेश सिंह ने कहा कि “उत्तम से सर्वोत्तम और निरोगी से योगी बनने की साधना ही योग है।” उन्होंने कहा कि यौगिक क्रियाओं को नियमपूर्वक, श्वास के साथ और अपनी सामर्थ्य के अनुसार करने पर ही इसका पूर्ण लाभ प्राप्त होता है। प्राणायाम शरीर और मन की अशुद्धियों को दूर कर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और व्यक्ति के जीवन का कायाकल्प करने में सहायक होता है।
उन्होंने साधकों को सलाह दी कि अपनी आयु, शारीरिक क्षमता और रोग की स्थिति के अनुसार ही योगाभ्यास करें। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम योग के माध्यम से शरीर को निरोगी बनाना आवश्यक है, तभी व्यक्ति योगी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
योगी दुर्गेश सिंह ने पतंजलि योग समिति के हरिद्वार मुख्यालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों से पदाधिकारियों को अवगत कराया तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट बस्ती मंडल के राज्य कार्यकारिणी सदस्य राज रतन सेन सिंह ने कहा कि जन-जन को स्वस्थ बनाना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए योग शिक्षक गांव-गांव जाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। आजीवन सदस्य राजेश श्रीवास्तव कैलाशी ने लोगों से नियमित योग करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने का आह्वान किया।
भारत स्वाभिमान समिति बस्ती के जिला प्रभारी ओम प्रकाश आर्य ने मुख्यालय के निर्देशों को ब्लॉक स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और लागू कराने के लिए योग शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सुभाष चन्द्र आर्य, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र त्रिपाठी, भारत स्वाभिमान समिति बस्ती के कोषाध्यक्ष नवल किशोर चौधरी, योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय, योग शिक्षक राम अचल चौरसिया, जवाहर लाल, हसनैन रिजवी, दीनानाथ शुक्ल, सुरेन्द्र शर्मा, श्रवण कुमार, शशि, भानु बाबू, प्रमोद कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में साधक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।