पत्रकार हितों की रक्षा के लिए एकजुट हुआ जर्नलिस्ट प्रेस क्लब, पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

पत्रकार हितों की रक्षा के लिए एकजुट हुआ जर्नलिस्ट प्रेस क्लब, पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

 

पत्रकार उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान, कांटे चौकी प्रकरण पर एसपी को सौंपेंगे ज्ञापन

 

संगठन का हुआ विस्तार, जिला और तहसील स्तर पर कई पत्रकारों को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

 

जितेंद्र पाठक

 

संतकबीरनगर/खलीलाबाद। पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकार और हितों की रक्षा के उद्देश्य से रविवार को खलीलाबाद के एक निजी होटल में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे वरिष्ठ और युवा पत्रकारों ने पत्रकारों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न, अभद्रता, मारपीट और फर्जी मुकदमों के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एकजुटता का परिचय दिया।

बैठक में पत्रकारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर संगठन मजबूती के साथ उसके समर्थन में खड़ा होगा। पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज की समस्याओं को उजागर करने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ अमानवीय व्यवहार, दबाव, धमकी, मारपीट या फर्जी मुकदमों जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

बैठक के दौरान संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की जिला और तहसील इकाइयों का विस्तार किया गया तथा विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन के संयोजक पद की जिम्मेदारी शैलेंद्र मणि त्रिपाठी को दी गई, जबकि बाबुल श्रीवास्तव को जिला अध्यक्ष बनाया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में सदरे आलम खान और जितेंद्र पाठक को जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके अलावा रितेश उपाध्याय, विजय गुप्ता और हरिओम चौधरी को उपाध्यक्ष, मिथिलेश कुमार धुरिया को महामंत्री, विजय मिश्रा को संगठन सचिव तथा केदारनाथ दुबे को संयुक्त सचिव बनाया गया। वहीं अंशु सिंह को सचिव, कल्याण भट्ट को प्रवक्ता और कौशल किशोर को जिला उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई।

संगठन में नवनीत श्रीवास्तव और संजय श्रीवास्तव को सचिव, विपिन राय को कोषाध्यक्ष, राजेश्वर को मीडिया प्रभारी तथा सतीश पांडे को संगठन ऑडिटर नियुक्त किया गया।

तहसील स्तर पर भी संगठन का विस्तार करते हुए मेहदावल तहसील अध्यक्ष की जिम्मेदारी सुनील श्रीवास्तव को सौंपी गई। वहीं खलीलाबाद तहसील अध्यक्ष के रूप में मोहन राजभर, तहसील उपाध्यक्ष के रूप में अनिल मौर्य तथा तहसील महासचिव के रूप में गणेश चौरसिया को जिम्मेदारी दी गई।

बैठक में पत्रकारों ने कहा कि शासन स्तर से पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन यदि जिले में किसी पत्रकार का उत्पीड़न होता है तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जर्नलिस्ट प्रेस क्लब पत्रकार हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

बैठक के दौरान कोतवाली क्षेत्र के कांटे चौकी के पास एक पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट और बाद में कोतवाली में पत्रकार के साथ कथित अभद्रता का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। पत्रकारों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी को भी पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।

जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के जिला अध्यक्ष बाबुल श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकार अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी संगठन से जुड़े रहें, लेकिन संतकबीरनगर जिले में जब भी किसी पत्रकार के साथ अन्याय या उत्पीड़न होगा, जर्नलिस्ट प्रेस क्लब उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हक और अधिकारों की लड़ाई अब संगठित तरीके से लड़ी जाएगी और किसी भी पत्रकार के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में जिले के वरिष्ठ पत्रकार जी.एल. वेदांती और गुलाम अली के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित पत्रकारों ने दोनों दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

संगठन की ओर से दोनों दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता जगत के किसी भी साथी के परिवार को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

बैठक के अंत में सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना है। पत्रकारों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने एक स्वर में कहा, “अब पत्रकार अनेक नहीं, बल्कि एक होकर अपने हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।”