दशरथ महल से निकली भगवान धनुर्धारी की भव्य शोभा यात्रा

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। गौ संत परमार्थ सेवा के प्रमुख केंद्र चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी के राजमहल से श्री धनुर्धारी भगवान की दिव्य भव्य मनोहारी रथयात्रा शोभा यात्रा बाजे गाजे के साथ सज धज कर दशरथ महल से मणि पर्वत के लिए निकली। यात्रा हनुमान गढ़ी के सामने से होते हुए दिगंबर अखाड़ा, रायगंज, कनीगंज, विद्या कुंड होते हुए मणि पर्वत पहुंची, जहां भगवान धनुषधारी की आरती और पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत, यात्रा वापस दशरथ महल प्रांगण पहुंची।
आरती और पूजन के उपरांत धनुर्धारी भगवान स्वर्ण-रजत निर्मित भव्य मनोहारी झूले में विराजमान हुए। झूला उत्सव के दौरान, संत, परमार्थ सेवी बिंदु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज की अध्यक्षता में प्रतिवर्ष दशरथ महल में विराजमान धनुर्धारी भगवान मणि मंदिर विहार कर झूले में विराजमान होते हैं, जो सावन पूर्णिमा तक संचालित होता है।
इस अवसर पर देवेन्द्र प्रसादाचार्य महाराज के साथ जगद्गुरु स्वामी विष्णु देवाचार्य महाराज मिथिला पीठाधीश्वर आचार्य पंडित विष्णु प्रसाद नायक शास्त्री महाराज, राम जानकी मंदिर मखौड़ा के व्यवस्थापक सूर्य नारायण दास वैदिक महाराज, बड़े पुजारी द्वारिका दास महाराज, पुजारी राम नंदन दास महाराज, अंबर दास महाराज, वरिष्ठ अधिवक्ता राम शंकर शुक्ल बाबा , सुदामा दास , राजवीर दास, शिव कुमार मिश्र ‘शिवा ‘, हनुमान दास , अंजनी पांडेय , और ललित तिवारी सहित अन्य संत-महंत व भक्तगण शामिल रहे।
यात्रा निकलने से पूर्व दशरथ महल में बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य महाराज की अध्यक्षता में संत-महंतों का भंडारा संपन्न हुआ, जिसमें सभी समागत संत व भक्तों ने अमृतमयी भोजन प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में महाराज द्वारा सभी को दक्षिणा व भेंट-विदाई प्रदान कर सम्मानित किया गया।