महामृत्युंजय मंत्र के जाप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संदेश
अनुराग लक्ष्य न्यूज
लखनऊ। शिव भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जाप एवं भगवान शिव के स्मरण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में भगवान शिव को कल्याण, शांति एवं आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना गया है। महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव विकसित करने में सहायक माना जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से—
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”
—महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। साथ ही योग, प्राकृतिक जीवनशैली एवं सात्विक आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा, “शिव ही आदि हैं, शिव ही अनंत हैं। शिव की भक्ति से जीवन में शांति, संयम और सकारात्मकता का भाव विकसित होता है।” उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ स्वस्थ शरीर एवं शांत मन के लिए योग तथा प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भारतीय योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आध्यात्मिक परंपराओं को स्वस्थ, संतुलित एवं अनुशासित जीवन का मार्ग बताते हुए लोगों से नियमित योगाभ्यास और सकारात्मक चिंतन अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. नवीन सिंह का परिचय राष्ट्रीय महासचिव, विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ, भारत; क्षेत्रीय सचिव, अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, नई दिल्ली तथा निदेशक, आस्था आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट एंड ट्रेनिंग सेंटर,आशियाना लखनऊ के रूप में दिया गया।