लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में 10 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ चलाने का निर्णय लिया है। अभियान की रूपरेखा शनिवार को राजधानी लखनऊ के विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में तय की गई। कार्यशाला में राष्ट्रीय मंत्री अनिल के. एंटनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने अभियान की रणनीति और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
बैठक में अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर भारद्वाज को संयोजक बनाया गया, जबकि नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, अनिल यादव और रजनी पांडे को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदेश, क्षेत्र, जिला और मंडल स्तर पर समितियों का गठन कर अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई।राष्ट्रीय मंत्री अनिल के. एंटनी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल राष्ट्रध्वज फहराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को तिरंगे से भावनात्मक रूप से जोड़ने वाला राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि जब किसी घर पर तिरंगा लहराता है तो वह उस परिवार की राष्ट्र के प्रति आस्था, सम्मान और समर्पण का प्रतीक बन जाता है। उनका कहना था कि इस वर्ष लक्ष्य केवल पिछले वर्षों की उपलब्धियों को दोहराना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक घरों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को अभियान से जोड़ना है ताकि स्वतंत्रता दिवस पूरे समाज का उत्सव बन सके।उन्होंने संगठनात्मक तैयारियों पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश समिति जिलों से लगातार संवाद बनाए रखे, तैयारियों की नियमित समीक्षा करे और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराए। जिला स्तर पर भी मजबूत टीमों का गठन कर जनप्रतिनिधियों, मोर्चों, प्रकोष्ठों, व्यापारिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रगौरव, स्वतंत्रता और शहीदों के बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान रहा है और मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, ऊदा देवी तथा अन्य अनेक वीरों के बलिदान की स्मृति से यह अभियान जुड़ा हुआ है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2022 में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस वर्ष प्रत्येक कार्यकर्ता कम से कम 50 परिवारों को अभियान से जोड़ने का प्रयास करेगा। उन्होंने युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का भी आह्वान किया।प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने अभियान का विस्तृत कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए बताया कि 10 से 14 अगस्त तक प्रदेशभर में भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी, जबकि 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। 4 और 5 अगस्त को जिला योजना बैठकें तथा 6 अगस्त को मंडल स्तर की बैठकें आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि 10 से 12 अगस्त तक प्रत्येक मंडल और महानगरों के वार्ड स्तर पर एक से दो किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्राएं आयोजित होंगी, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रमुख भूमिका रहेगी। महिला मोर्चा सहित सभी मोर्चे और प्रकोष्ठ भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इन यात्राओं में पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त सुरक्षा बलों के अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों को शामिल किया जाएगा।धर्मपाल सिंह ने बताया कि 12 से 14 अगस्त तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, शहीद स्थलों और ऐतिहासिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा शहीदों और महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। 13 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर भव्य तिरंगा यात्राएं आयोजित होंगी, जबकि 13 से 15 अगस्त तक प्रत्येक घर, प्रतिष्ठान, व्यापारिक संस्थान और कार्यालय पर राष्ट्रध्वज फहराने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही युद्धवीरों, शहीदों के परिजनों और बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवारों का सम्मान भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर सभी जिलों में मौन जुलूस और संगोष्ठियों का आयोजन होगा, ताकि नई पीढ़ी देश विभाजन की त्रासदी और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझ सके।कार्यशाला में पार्टी पदाधिकारियों ने अभियान को राष्ट्रभक्ति का महापर्व बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। नेताओं ने कहा कि यह केवल संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने वाला व्यापक जनअभियान है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।