श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, सिलीगुड़ी से आए श्रद्धालु बोले— अयोध्या आकर जीवन हुआ धन्य

 

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में मारवाड़ी सेवा परिवार, सिलीगुड़ी के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। कथा व्यास पूज्य राधेश्याम प्रपन्नाचार्य जी महाराज की मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रसंगों का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है कि श्रोता भक्ति रस में डूब जाते हैं।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से लगभग 200 श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। कथा श्रवण के साथ-साथ सभी श्रद्धालु रामनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन-पूजन भी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, माता सरयू, गुप्तार घाट, भरतकुंड सहित अनेक पवित्र स्थलों पर दर्शन कर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रद्धालुओं का कहना है कि अयोध्या पहुंचकर उनके मन को अद्भुत शांति और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर दर्शन करना उनके जीवन का सबसे सौभाग्यपूर्ण क्षण है। साथ ही रामनगरी में तेजी से हो रहे विकास कार्यों की भी उन्होंने मुक्तकंठ से सराहना की। उनका कहना था कि आज अयोध्या आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में देश के प्रमुख तीर्थों में अपनी अलग पहचान बना रही है।

यह श्रीमद्भागवत कथा रॉयल हेरिटेज होटल एंड रिसॉर्ट, नेशनल हाईवे, श्री अयोध्या धाम में आयोजित की जा रही है। कथा का आयोजन 23 से 29 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से 12:30 बजे तक किया जा रहा है।

कार्यक्रम के सफल संचालन में सचिव विष्णु कुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष विक्रण मुरारका, प्रोजेक्ट चेयरमैन राजेश झांवर तथा प्रोजेक्ट को-चेयरमैन केशव लढ्ढा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति ने बताया कि कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना तथा श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति से जोड़ना है।

मारवाड़ी सेवा परिवार, सिलीगुड़ी द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ रामनगरी अयोध्या की दिव्यता, भव्यता और विकसित स्वरूप से भी रूबरू कराया।