73 वां और 74 वां संविधान संशोधन लागू कराने के लिए भारत सरकार से संवाद किया जाएगा – राना दिनेश प्रताप सिंह
अनुराग लक्ष्य न्यूज
बस्ती । उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा है कि 73 वां और 74 वां संविधान संशोधन लागू कराने के लिए भारत सरकार से संवाद किया जाएगा। पंचायतों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों को दिल्ली में ठहरने के लिए पंचायत सदन के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को प्रस्ताव दिया गया है जिसमें मयूर बिहार स्थित पंचायत परिषद अपने केंद्रीय कार्यालय परिसर पंचायत धाम में पीपीपी मॉडल पर एक एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराएगी। मा० सांसदों और मा० विधयकों की भांति पंचायत प्रतिनिधियों के लिए भी वेतन भत्ते और पेंशन का प्राविधान किया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव के बाद यू पी में पंचायत अधिकार रथ यात्रा निकाल कर पंचायतों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों को एकजुट किया जाएगा। प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों में सेमिनार आयोजित होंगे। श्री राना जनपद अलीगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में प्रतिभाग कर बस्ती लौटने के बाद जारी एक प्रेस नोट में ये बातें कहीं । गत 19 जुलाई को अलीगढ़ स्थित धर्मपुर कोर्ट यार्ड के नेता जी सुभाष चंद्र बोस सभागार में सम्पन्न इस महत्वपूर्ण बैठक में बतौर मुख्य अतिथि देश के वरिष्ठतम राजनेता और भारत सरकार के पूर्व गृह मंत्री एवं अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान सुबोध कांत सहाय ने देश में समय से पंचायतों के चुनाव कराने पर जोर दिया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आयोजन के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया। पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाली भारत सरकार की ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य रहे पूर्व विधायक डी पी रॉय ने देश में पंचायतों को अधिकार सम्पन्न बनाने पर विस्तार से अपना प्रस्ताव रखा। अध्यक्षता कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अशोक चौहान ने किया। कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री गवेंद्र सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार जताया। संचालन राष्ट्रीय महामंत्री श्री अनिल शर्मा ने किया। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ ही गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना ,तमिलनाडु ,गोवा सहित देश के सभी प्रदेशों के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।