सेवा और समर्पण का संकल्प: इंटरनेशनल नर्सेज डे पर एसआर हॉस्पिटल नाथनगर में गूंजा मानवता का संदेश
“नर्सें ही स्वास्थ्य सेवा की असली ताकत” — डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी का प्रेरक संबोधन
ग्रामीण बेटियों के सपनों को मिल रही उड़ान, नर्सिंग शिक्षा से खुल रहे रोजगार के नए द्वार
जितेंद्र पाठक
संतकबीरनगर/नाथनगर।
इंटरनेशनल नर्सेज डे के अवसर पर नाथनगर स्थित एसआर हॉस्पिटल एवं पैरामेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और मानवता के मूल्यों की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम ने न केवल नर्सिंग पेशे के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि छात्राओं के भीतर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी भर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, एसआर ग्रुप के चेयरमैन राकेश चतुर्वेदी, डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार पांडेय, प्रिंसिपल विनय पटेल एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती, आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल तथा संस्थान के संस्थापक स्व. पं. सूर्य नारायण चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की सबसे मजबूत कड़ी हैं। वे मरीजों की देखभाल के साथ-साथ उन्हें मानसिक संबल भी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि नर्सों की सेवा भावना, धैर्य और समर्पण ही मरीजों को बीमारी से लड़ने का हौसला देता है। उन्होंने इंटरनेशनल नर्सेज डे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है और उनके आदर्श आज भी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा हैं।
एसआर ग्रुप के चेयरमैन राकेश चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग का क्षेत्र आज युवाओं, विशेषकर ग्रामीण परिवेश की बेटियों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर उभर रहा है। पहले जहां नर्सिंग शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जीएनएम के साथ-साथ जल्द ही बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होने से छात्राओं को और अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने छात्राओं को सेवा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान जीएनएम की छात्राओं को सेवा, करुणा और समर्पण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने नर्सिंग पेशे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।
समारोह को डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार पांडेय और प्रिंसिपल विनय पटेल ने भी संबोधित करते हुए नर्सिंग के महत्व और इसके उज्ज्वल भविष्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक हरिश्चंद्र यादव ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सहज और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर रविंद्र यादव, प्रेम प्रकाश पांडेय, कृष्णा मिश्रा, दिग्विजय यादव, शंकर यादव, आनंद ओझा, महेंद्र चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सभी के मन में सेवा और समर्पण के प्रति एक नई चेतना का संचार किया।