नाबालिक छात्रों को बीच राह में बस से उतार देने वाले एआरटीओ को सीडब्लूसी ने किया तलब माँगा स्पष्टीकरण 

नाबालिक छात्रों को बीच राह में बस से उतार देने वाले एआरटीओ को सीडब्लूसी ने किया तलब माँगा स्पष्टीकरण

बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र में संचालित एक इंटर कालेज के नाबालिक बच्चों के द्वारा की गयी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सी डब्लू सी के चेयर पर्शन प्रेरक मिश्रा ने एआरटीओ प्रवर्तन से 10 अप्रैल तक स्पष्टीकरण तलब किया है, कहा है की यह अमानवीय कृत्य है इसे सहन नही किया जा सकता

बताते चले की उक्त थाना क्षेत्र के ग्राम डुहवा मिश्र में संचालित एस एन एस बी इंटर कालेज के छात्रों ने न्यायपीठ को सम्बोधित पत्र में बताया है की 4 अप्रैल को हम लोग प्रातः काल स्कूल की बस से पढ़ने जा रहे थे, हम लोगों की बस हर्रेया थाना क्षेत्र के बड़हर पेट्रोल पम्प के पास जैसे ही पहुंची वैसे ही ए आर टी ओ बिभाग के लोगों ने बस को रुकवा लिया और बस चालक का मोबाइल छीन लिया, और कहा की वाहन की जाँच की की जानी है इसलिए बस को हम लोग थाने पर ले जायेंगे,और बस में सवार बच्चों को बस से उतर जाने को कहा गया, जब हम लोगों ने कहा की अंकल हम लोग बिना बस के अब स्कूल कैसे जायेंगे, पहले हम लोगों को स्कूल छोड़वा दीजिये तब बस लेकर जाईये, तब बिभाग के लोगो ने कहा की आप लोगों को स्कूल पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी नही स्कूल प्रबंधन की है, शिकायत पत्र मे बच्चों ने बताया है की इसके बाद हम लोगों को पैदल सुनसान राह से स्कूल जाने को विवश होना पड़ा,नाबालिक बच्चों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, सदस्य डॉ संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने आपसी विमर्श के बाद इसे बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य, एवं बाल अधिनियम 2015 की मंशा के विपरीत मानते हुए ए आर टी ओ प्रवर्तन से स्पष्टीकरण माँगा है, चेयर पर्शन प्रेरक मिश्रा ने इस सम्बन्ध में कहा की बस की जाँच करना, कार्यवाही करना ठीक है लेकिन बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद ही कोई कार्यवाही करनी चाहिए थी,इस मामले में स्पष्टीकरण माँगा गया है, स्पष्टीकरण आने के बाद आवश्यक विधिक कार्यवाही की जायेगी, बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण न्यायपीठ की प्राथमिकता है, इससे समझौता नही किया जा सकता।