तीसरे दिन झुंगीनाथ से पंडूलघाट तक पहुंचा कारवां मखभूमि की भांति दिखने लगा असर
बस्ती ।जनपद की पावन धरा पर प्रवाहित मनोरमा नदी को पुनः स्वच्छ, निर्मल और जीवनदायिनी बनाने के संकल्प के साथ जनपद के समाजसेवी भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय के नेतृत्व में चल रहा मनोरमा सफाई अभियान अब जन आस्था, जनभागीदारी और जनसंघर्ष का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। द्वितीय चरण के तीसरे दिन यह अभियान झुंगीनाथ से आगे बढ़ते हुए पंडूलघाट तक पहुंच गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और समाजसेवियों ने एकजुट होकर नदी की सफाई में श्रमदान किया। दृश्य इस बात के स्पष्ट संकेत है
इस अवसर पर श्री पाण्डेय ने कहा कि मनोरमा नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति की वाहक है। मान्यता है कि इस पावन धरा का संबंध हमारे धार्मिक और पौराणिक गौरव से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसका संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। नदी यह उदासीनता न केवल जनभावनाओं की अनदेखी है, बल्कि पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति भी लापरवाही का परिचायक है।
अभियान से जुड़े विनोद चौधरी, धन्नजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन शीघ्र ही इस जनहित कार्य में सहभागिता सुनिश्चित नहीं करता है, तो जनसमर्थन के बल पर एक बार पुनः व्यापक और निर्णायक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र की अस्मिता, आस्था और भविष्य का प्रश्न बन चुका है। नदियों की स्वच्छता ही सच्ची ईश्वर सेवा है, और यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा दायित्व भी। इस मौके पर गुलशन,शिवम्, करमवीर सोनकर,गिरजेश पटेल,नीलेश सिंह,अवधेश चौधरी, नितेश शर्मा, राजीव पाण्डेय, महेंद्र चौहान सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।