जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर 22 मई 2022 को प्रकाशित खबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित श्रेणी में शामिल करने संबंधी रीट याचिका में इन जातियों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगाएं प्रतिबंध के अनुसार यदि जिलाधिकारी/पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी संतकबीरनगर, अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान के जायज मांगों को कानूनी दांव पेंच में उलझाते है तथा जांच पड़ताल का हवाला देते हुए जनपद रामपुर के आदेश एवं निर्गत शिल्पकार श्रेणी का अनुसुचित जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की बात असंवैधानिक तरीके से करते हैं तो निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप आगामी 28 फरवरी को अतिपिछड़ा समाज प्रदेश व्यापी जनांदोलन छेड़ने का संकल्प दुहराएगा जिससे 2027 में सत्ता परिवर्तन तय मानों। क्योंकि 17 अतिपिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने का मुद्दा और रीट याचिका राजनैतिक रूप से अलग विषय है जबकि शिल्पकार (कुम्हार) राजस्व विभाग के अभिलेख रिकार्ड में बर्ष 1950 से आज तक आलरेडी अनुसुचित जाति में दर्ज है और मजबूत एवं जागरूक पैरवीकर्ता न होने के कारण उत्तर प्रदेश के सभी उपजिलाधिकारी व तहसीलदार पता नहीं किस नियम के अंतर्गत कुम्हारों को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करते चले आ रहे हैं जबकि वास्तविक शिल्पकार कुम्हार ही है। अतः दूरगामी सोच से प्रजापति समाज समेत शिल्पकार की सभी उपजातियां एवं 17 अतिपिछड़ी जातियों के बड़े वरिष्ठों नौजवान क्रांतिकारी साथियों माताओं बहनों से विनम्र अपील है कि आप लोग जगह-जगह मूहिम का हिस्सा बने तथा अपने हक अधिकार व सामाजिक न्याय के लिए एक स्वर से यह नारा बुलंद करें अभी नहीं तो कभी नहीं। धन्यवाद