स्वागत, स्वागत, स्वागत, गणतंत्र दिवस, हम हैं हिन्दुस्तानी कहना अच्छा लगता है, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,


अनुराग लक्ष्य, 26 जनवरी
मुम्बई संवाददाता।
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
,,,, काशी माथुर ताज और दिल्ली सब पे दिल मेरा कुर्बान,
मैं एक सच्चा हिन्दुस्तानी सब कुछ मेरा हिंदुस्तान।
सच कहने की आदत मेरी सच ही कहूंगा दुनिया में,
विंध्य हिमालय यमुना गंगा सब हैं इस भारत की शान ।।
शायद यही हमारा इतिहास है और सच्चाई भी। इसीलिए आज पूरा देश फिर एक बार गणतंत्र दिवस के इस पवन पर्व को हर्ष ओ उल्लाह के साथ मना रहा है। और जब तक हम भारत वासी उपरोक्त चार पंक्तियों को आत्मसात करते हुए जीते रहेंगे, तब तक भारत की एकता और अखंडता भी हमारी कायम ओ दायम रहेगी।
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी आज के इस शुभ दिन के अवसर पर समस्त देश वासियों को अपनी अनंत शुभ कामनाएं प्रेषित करते हुए देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
इसी लिए इस बात को बहुत ही पुर्ज़ोर अंदाज़ में कहना चाहता हूँ कि,
,,,,, आपस में मिलजुलकर रहना अच्छा लगता है,
हम हैं हिन्दुस्तानी कहना अच्छा लगता है।
प्यार जिसे है भारत से उसकी तो फिक्र यही होगी,
नफ़रत की दीवार का ढहना अच्छा लगता है ।।
त्वारीख शाहिद है इतिहास साक्षी है कि इस देश को मिटाने की जितनी साज़िशें की गईं हैं उतनी किसी भी मुल्क के साथ नहीं की गईं। लेकिन यह देश अपनी एकता अखंडता भाईचारगी और मानवता के संदेश के बुनियाद पर अपनी पहचान कायम किए हुए है। आइए इस पावन पर्व पर हम और आप खुद से यह वादा करें के कुछ भी हो जाए, हम सब एक थे, एक हैं और एक रहेंगे।