प्रयागराज। केंद्रीय संस्कृति एवं पयर्टन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि कुम्भ केवल आध्यात्मिक लाभ या पुण्य सृजन के लिए कोई संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि भारत के विराट रूप का दर्शन है। उन्होंने कहा, सभी धार्मिक मान्यताओं, पूजा-पद्धतियों आस्था और सांस्कृतिक मान्यताओं वाले लोग अपने सारे विवेक भुलाकर कुंभ में सब एक साथ आते हैं, जो भारत की सांस्कृति ताकत का प्रतीक है।
शेखावत ने बुधवार को इलाहाबाद संग्रहालय में लघु चित्र प्रदर्शती ‘भागवत’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज हम भारत को एक राष्ट्र के रूप में देखते हैं, लेकिन अनेक लोग इस बात पर प्रश्न कर सकते हैं कि भारत अंग्रेजों और मुगलों के काल से पहले विभिन्न छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था, उस समय यह इसका एक राष्ट्र का रूप में माना जा सकता था, लेकिन उस विविधताओं से भरे हुए भारत में भी कुम्भ भारत के एक होने का शाश्वत प्रमाण है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब प्रयागराज की ओर पूरे विश्व की दृष्टि है और 144 साल के अंतराल के बाद में दिव्य महाकुम्भ प्रयागराज में संपन्न हो रहा है। उस समय में इस इलाहाबाद जैसे ऐतिहासिक संग्रहालय ने कुम्भ की आध्यात्मिक मान्यता से जुड़े प्रसंगों को लेकर भागवत नाम से एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से एक तरफ कुम्भ और कुम्भ से जुड़े हुए प्रसंगों में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई कथा से जुड़े चित्रों का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भारत की आज से सैकड़ों साल पहले जो कला की समृद्धि और गहराई थी, उसको देखने और समझने का अवसर भी यहां आने वाले लोगों को मिलेगा।