पहले ग्लोबल लर्निंग लैब कॉन्क्लेव के हिस्से के रूप में आयोजित 14वें एजुकेशनल लीडरशिप समिट का भव्य समापन हुआ। इस दौरान ‘One Tara इनिशिएटिव” लॉन्च किया गया, जो एक एडटेक उपकरण है जो आम नागरिकों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और सामग्री प्रदान करके उन्हें एक अनौपचारिक शिक्षा केंद्र खोलने के लिए सशक्त बनाता है। इस लॉन्चिंग में लखनऊ के विभिन्न झुग्गी क्षेत्रों के 100 से अधिक बच्चों की उपस्थिति ने इसे एक महत्वपूर्ण पल बना दिया। इस कार्यक्रम ने शिक्षा की परिवर्तनकारी क्षमता को प्रदर्शित किया और ‘One Taraइनिशिएटिव” के माध्यम से युवा छात्रों की उपलब्धियों का भी उत्सव मनाया। इस 3 महीने के पायलट प्रोजेक्ट में 100 झुग्गी बस्तियों के बच्चे शामिल थे, जो सिटी मॉन्टेसरी स्कूल शालीमार वन वर्ल्ड कैंपस, सिटी इंटरनेशनल स्कूल, One Tara जवाहर नगर और उम्मीद फाउंडेशन का हिस्सा हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल 5वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले 20 बच्चों को एनआईओएस प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह पहल स्व. श्री. जगदीश गांधी और हमारे सभी दिवंगत प्रियजनों की स्मृति में की गई है।
देवी संस्थान ने तीन सामाजिक संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं शंभूका फाउंडेशन, जिसका प्रतिनिधित्व श्री अनुराग गोयल ने किया, प्रयास एक संकल्प जिसका प्रतिनिधित्व सुश्री गरिमा प्रकाश ने किया, और उम्मीद फाउंडेशन, जिसका प्रतिनिधित्व श्री बलबीर सिंह ने किया। ये संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्रों में ‘वन तारा’ स्कूलों को लागू करेंगे। उम्मीद फाउंडेशन लखनऊ, अयोध्या और कुशीनगर में ‘वन तारा’ स्कूलों की शुरुआत करेगा, जिससे इन क्षेत्रों के बच्चों को लाभ मिलेगा। शंभूका फाउंडेशन ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वे ‘वन तारा’ स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भोजन, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, परामर्श सत्र, संवाद कौशल प्रशिक्षण आदि प्रदान करेंगे। देवी संस्थान की संस्थापक डॉ. सुनीता गांधी ने कहा, ‘वन तारा’ ऐप लोगों को बदलाव लाने में सक्षम बनाएगा, जिससे कोई भी अपना ‘One Tara स्कूल’ शुरू कर सकेगा। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा का विकेंद्रीकरण करना है, जिससे लाखों बच्चों को ‘Accelerated Learning for All’ (ALfA) पद्धति से लाभ मिल सके। यह ऐप हमें बच्चों को एनआईओएस परीक्षाओं में उत्तीर्ण कराने के लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करेगा, जिससे उन्हें बाद में मुख्यधारा के स्कूलों में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।”