नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान का 8 वाँ भव्य वार्षिकोत्सव संपन्न
नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान का 8 वाँ वार्षिकोत्सव गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
संस्थान के स्थापना दिवस 4 अक्टूबर को आयोजित आभासी आयोजन का शुभारंभ प्रातः 7 बजे संस्थान अध्यक्ष डा. कृष्ण कान्त मिश्र द्वारा शंखनाद द्वारा हुआ। तत्पश्चात डा. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ ने गणेश वंदना, अशोक दोशी ने सरस्वती वंदना, शशिकला नायक ने गुरु वंदना, डा. अनुराधा प्रियदर्शिनी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया किया। डा. राजीव रंजन मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और आयोजन का संचालन किया। वार्षिकोत्सव में छंदाचार्य छगन लाल गर्ग विज्ञ, डॉ. वाई. एस पाण्डेय, डा. राकेश सक्सेना, डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, डॉ. दवीना अमर ठकराल देविका, नवल किशोर सिंह, रघुनाथ प्रसाद शास्त्री, रोहित रोज, अनु तोमर, कुसुम लता तरुषि, डा.गणेश चंद्र केष्टवाल, विष देव पाण्डेय ‘अवध’, सुनील कुमार, गौतम सिंह अंजान, अंजू श्रीवास्तव अंजनी, डा. जे. एन. भारती ‘बैरागी’, रजनी हरीश, आदि ने बधाइयां, शुभकामनाएं देते हुए संस्थान की गतिविधियों और प्रबंधन की प्रशंसा की।
वार्षिकोत्सव का प्रमुख आकर्षण सुंदर काण्ड का पाठ रहा, जो एकता गुप्ता, प्रतिभा पाण्डेय, रूपा माला, शशिकला नायक, सुरेशचन्द्र जोशी, रंजना बिनानी काव्या, अमिता गुप्ता, प्रीती द्विवेदी शुक्ला, सुधीर श्रीवास्तव, संजीव कुमार भटनागर, लवकुश तिवारी, स्वर्ण लता सोन के सामूहिक प्रयास से निर्बाध संपन्न हुआ। संस्थापक डा. ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’ ने सभी पदाधिकारियों, अतिथियों और शुभचिंतकों को आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने के लिए आभार ज्ञापित किया। अंत में अध्यक्ष डा. कृष्ण कान्त मिश्र के समापन वक्तव्य के साथ आयोजन संपन्न हुआ।