थानाध्यक्ष परशुरामपुर एवं थानाध्यक्ष हरैया की लापरवाही से सीडब्लूसी खफा, कार्यवाही की तैयारी 

थानाध्यक्ष परशुरामपुर एवं थानाध्यक्ष हरैया की लापरवाही से सीडब्लूसी खफा, कार्यवाही की तैयारी

बस्ती। न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ( सीडब्लूसी ) के द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण को प्रस्तुत नहीं करना थानाध्यक्ष परशुराम पुर एवं थानाध्यक्ष हरैया को भारी पड़ सकता है, स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने से नाराज न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने सदस्यों से विचार विमर्श के पश्चात पुनः पत्र भेज कर अंतिम अवसर प्रदान किया है, इस बार लापरवाही करने पर दोनों थानाध्यक्ष एवं विवेचकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल मे लायी जायेगी।

बताते चले की थाना परशुराम पुर की पुलिस के द्वारा एक नाबालिक बालिका को बिना सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत किये, बिना मेडिकल, एवं काउंसलिंग कराये उसके घर वालों को सौंप दिया गया था, दूसरे दिन जब बालिका न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत की गयी तो उसने काउंसलिंग के दौरान यह जानकारी दी, सी डब्लू सी ने इस बात को बाल अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए, परशुराम पुर पुलिस से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश 21 अक्टूबर को दिया था, परन्तु थाना परशुराम ने दिनांक 7 नवम्बर तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया, इसी प्रकार थाना हरैया पुलिस ने एक रेप पीड़िता को छः दिन दौड़ने के बाद मुकदमा दर्ज किया था, इस बात की शिकायत पीड़िता की माँ ने सी डब्लू सी के समक्ष किया था, हरैया पुलिस से इस बावत स्पष्टीकरण 27 अक्टूबर तक माँगा गया था, उनके द्वारा भी स्पष्टीकरण नही प्रस्तुत किया गया है, सी डब्लू सी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, सदस्य संतोष श्रीवास्तव, सदस्य मंजू त्रिपाठी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों थानो को पत्र भेजकर 16 नवम्बर तक का समय दिया गया है,अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा की इस बार आदेश का पालन नही करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।